gautam gambhir on team india

पूर्व भारतीय सलामी  बल्लेबाज़ और मौजूदा कमेंटेटर गौतम गंभीर ने पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद और उनकी अगुवाई वाली पूर्व चयन समिति से खासे नाराज़ नज़र आए। इतना ही नहीं, अपने गुस्से का इज़हार करते हुए इसे भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे खराब चयन समिति तक कह दिया। गंभीर का गुस्सा मूल रूप से आईसीसी विश्व कप 2019 की भारतीय स्क्वॉड से अंबाती रायडू को नज़रअंदाज़ करने पर रहा।

हालांकि न केवल गंभीर बल्कि रायडू को बाहर करने का फ़ैसला कुछ ऐसा था जिसने भारतीय क्रिकेट के हल्कों में चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया था।

गौरतलब है विश्व कप 2019 की शुरुआत से पहले रायडू लगातार नंबर 4 पर अपनी उपयोगिता साबित कर रहे थे और एक के बाद एक शानदार पारियाँ खेल रहे थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने उनको तरजीह न देते हुए विजय शंकर को विश्व कप स्क्वॉड में जगह दी और दलील दी गई कि उनका टीम में चयन एक 3D खिलाड़ी के तौर पर किया गया था।

“उन्होंने दूसरे बल्लेबाज़ को चुना जबकि उनकी प्राथमिक चिंता नंबर 4 की स्थिति की थी”

इसी सिलसिले में अपनी बात रखते हुए और गुस्सा ज़ाहिर करते हुए गौतम गंभीर ने कहा,

“मेरा मानना क्रिकेट के इतिहास की सबसे खराब चयन समिति थी। इसका कारण अंबाती रायडू जैसे बल्लेबाज़ को बाहर करना और उन्हें विश्व कप में शामिल नहीं करने का उनका फ़ैसला था। इसके बजाय उन्होंने दूसरे बल्लेबाज़ को चुना जबकि उनकी प्राथमिक चिंता नंबर 4 की स्थिति की थी”।

फ़िलहाल आईसीसी विश्व कप 2023 में कमेंट्री कर  रहे हैं गौतम गंभीर, अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गंभीर ने कहा कि,

“और कोई भी वास्तव में नहीं जानता कि क्या बातचीत हुई। इसलिए, इस मामले में अध्यक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। मुझे याद नहीं है कि उस समय अध्यक्ष कौन थे, लेकिन जिम्मेदारी उनके ऊपर थी”।

बता दें कि फ़िलहाल गौतम गंभीर मौजूदा आईसीससी विश्व कप 2023 में बतौर कमेंटेटर स्टार स्पोर्ट्स के साथ जुड़े हुए हैं, उनके अलावा हिंदी कमेंट्री के पैनल में पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ इरफ़ान पठान और पूर्व बल्लेबाज़ मोहम्मद कैफ़ भी शामिल हैं।

18 रनों से चूका था भारत

गौरतलब है  टीम इंडिया विश्व कप 2019 में सेमीफाइनल से बाहर हो गई थी। न्यूजीलैंड ने टीम को करारी शिकस्त दी थी।  भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच टीम इंडिया के लिए दु:स्‍वप्‍न साबित हुआ था। बारिश की वजह से ये मैच दो दिनों तक चला था। पहले बल्लेबाजी करते हुए कीवी टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 239 रन बनाए थे।

इसके जवाब में टीम इंडिया 49.3 ओवर में 221 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। इस मुकाबले में धोनी ने 50 और जडेजा ने 77 रनों की पारी खेली थी। 18 रन की हार के साथ भारत का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया था।

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