Posted inउत्तर प्रदेश, राजनीति

बकरीद पर वेस्ट यूपी में सड़कों पर नमाज नहीं, लोगों ने जताया सीएम योगी का आभार

News on WhatsAppJoin Now

इस बार बकरीद के मौके पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सड़कों पर नमाज अदा करने की परंपरा लगभग पूरी तरह से खत्म होती नजर आई। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और आसपास के इलाकों में प्रशासन ने पहले से ही साफ निर्देश जारी किए थे कि नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों के अंदर ही पढ़ी जाएगी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने लगातार निगरानी रखी, जिससे कहीं भी सड़क जाम जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आम जनता को काफी राहत मिली है। कई व्यापारियों और यात्रियों ने कहा कि त्योहार के दिन पहले अक्सर मुख्य मार्ग बंद हो जाते थे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस बार ट्रैफिक सामान्य रहा और बाजार भी खुले रहे।

लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया श्रेय

कई स्थानीय नागरिकों ने इस व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की। लोगों का कहना है कि सरकार की स्पष्ट नीति और प्रशासनिक सख्ती के कारण त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रहा है। कुछ लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को लेकर नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर अवरोध नहीं होना चाहिए।

मेरठ के कुछ व्यापारियों ने बताया कि पहले त्योहारों के दौरान सड़कें बंद होने से कारोबार प्रभावित होता था, लेकिन इस बार स्थिति बेहतर रही। वहीं कुछ स्थानीय निवासियों ने कहा कि प्रशासन द्वारा पहले से जागरूकता अभियान चलाने का भी सकारात्मक असर देखने को मिला।

पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क

बकरीद को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने धार्मिक नेताओं और समुदाय के लोगों के साथ बैठकें भी की थीं, जिसमें शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। इसका असर यह रहा कि अधिकतर जगहों पर लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन किया और नमाज निर्धारित स्थानों पर ही अदा की।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

सरकार और प्रशासन दोनों की ओर से लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों का उद्देश्य खुशी और शांति फैलाना होता है, इसलिए सभी नागरिकों को नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाना चाहिए।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह प्रशासन और जनता के बीच तालमेल बना रहा तो आने वाले समय में भी त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित होते रहेंगे। बकरीद के अवसर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिली यह व्यवस्था अब चर्चा का विषय बनी हुई है।