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Yashasvi Jaiswal: भारत और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई, जिसके पहले मैच में भारतीय टीम (Team India) को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम को 1 पारी और 32 रनों से शिकस्त का सामना करना पड़ा था, लेकिन दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम (Indian Cricket Team) ने साउथ अफ्रीका (South Africa Cricket Team) को 7 विकेट से शिकस्त देकर सीरीज 1-1 से बराबर कर ली. भारत (Team India) के दूसरे टेस्ट मैच में जीत के असली हीरो जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumarah), मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) और मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) रहे. वहीं यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) इस पूरी सीरीज में फ्लॉप साबित हुए हैं.

यशस्वी जायसवाल पूरी तरह से रहे फ्लॉप

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गये टेस्ट सीरीज के पहले मैच में भारत के लिए पारी की शुरुआत करने वाले यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने पहले पारी में 17 रन बनाए तो वहीं दूसरी पारी में उन्होंने सिर्फ 5 रन ही बनाए थे.

वहीं बात अगर दूसरे टेस्ट मैच की करें तो दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) खाता तक नहीं खोल सके, वहीं दूसरे पारी में उन्होंने 28 रन बनाए.

यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) के साउथ अफ्रीका में इस तरह के खराब प्रदर्शन के बाद आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, इसी बीच उन्होंने अब बताया कि वो क्यों भारत को कभी तेज तो कभी धीमी शुरुआत देते हैं.

इस वजह से दूसरी पारी में खेली तूफानी पारी

साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे मैच की दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने 28 रनों की पारी खेली, इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके निकले. यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने इस पारी के बाद कहा कि

‘ऐसा नहीं है कि मेरा नैसर्गिक खेल तेजी से खेलना है. मैं परिस्थिति के हिसाब से खेलता हूं. पिछली तीन पारियों में मैंने ऐसा ही किया है और लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस तरह की जरूरत थी मैंने वो किया. मेरी कोशिश यही रहती है कि मेरी टीम को जिस तरह जरूरत है वैसा खेलूं और मेरे दिमाग में बस यही रहता है. अगर पांच दिन बचे रहते हैं तो मैं उस हिसाब से बल्लेबाजी करता हूं, लेकिन 70 रन चाहिए हों तो मेरा खेल अलग हो जाता है. मेरी कोशिश रहती है कि अपने खेल में बदलाव ला सकूं जो टीम के लिए सही रहे.’

यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने आगे कहा कि

 ‘रोहित भइया काफी सकारात्मक माइंडसेट में मुझे रखते हैं. दूसरी पारी में उतरने से पहले उसी तरीके से हमारे बात हुई. कोशिश यही थी कि हम जितनी जल्दी नई गेंद से रन बनाएं उतना बेहतर होगा. यहां पर मैच जीतना आसान नहीं है. मैच जीतकर बहुत ही मजा आया. बहुत ही अच्छा लग रहा है, टीम में काफी अच्छी-अच्छी बातें होती हैं, जो हमको सीखने मिलती है. इन चीजों का आनंद लेते हैं और इसी तरह हम सीखते रहेंगे. अपने देश का प्रतिनिधत्व करना और विदेशी धरती पर मैच जीतना काफी गर्व करने वाली बात है, यह अद्भुत है.’

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‘रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ से मिलती है सीख’

साउथ अफ्रीका के खिलाफ यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने रोहित शर्मा के साथ भारतीय पारी की शुरुआत की. इस दौरान भारत के 22 साल के इस युवा बल्लेबाज ने बताया कि उन्हें रोहित शर्मा से क्या सीखने को मिला, यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने कहा कि

‘मुझे काफी कुछ सीखने मिला, दोनों जगहों पर काफी अलग विकेट और परिस्थितियां थी. आप जहां खेल रहे होते हो वहां की परिस्थितियां मायने रखती है. हर तरीके से देखा जाए तो दोनों जगहों पर खेलने में काफी मजा आया. मुझे लगता है अपने खेल में सुधार करना है और मेहनत करनी है.’

वहीं भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ से हुई बातचीत पर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने कहा कि

‘राहुल सर ने मुझसे कहा था कि अगर आप डाट गेंद खेल रहे हो, अच्छा बीट होते हो या आपको गेंद लगती है, तो इसका मतलब है कि आप अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हो. आपकी कोशिश यही रहनी चाहिए कि आप किस तरह गेंद को समझकर शाट का चयन कर सकते हो. जब गेंद अच्छी लेंथ पर है और बाउंस हो रही तो उसे आप किस तरह खेलोगे. अगर छोड़ रहे हो तो कैसे छोड़ोगे. बल्लेबाजी का आनंद लेना है और हंस कर बल्लेबाजी करनी है. दूसरे मैच के दौरान मेरी यही कोशिश थी कि खुलकर तथा दिमाग लगाकर खेलूं और इसका आनंद लूं. दबाव हमेशा ही रहता है तो उसमें मुझे खेलना अच्छा लगता है.’

वहीं साउथ अफ्रीका में फ्लॉप शो के बाद विदेशी धरती पर खेलने को लेकर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने कहा कि

 ‘चुनौती तो होती ही है, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में देखने को मिला कि अलग तरह से गेंद आती है. मुझे लगता है कि मैं इन चीजों का आनंद लेता हूं और हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करता हूं. आगे भी जो सीरीज है उसमें मेरी कोशिश होगी कि मैं सीखता रहूं और रोहित, कोहली और राहुल भाई से अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा करूं कि अलग-अलग जगह पर गेंद आती है, तो हम किस तरह तैयारी कर सकते हैं. मेरा काफी अच्छा अनुभव रहा.’

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