लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं, लेकिन इस हादसे की सबसे दर्दनाक कहानी नीलेश कुमार और अनामिका सामंत की है। दोनों की मुलाकात उसी ऑफिस में हुई थी, जहां सोमवार को लगी भीषण आग ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी। साथ काम करते-करते दोनों के बीच दोस्ती हुई, फिर यही रिश्ता प्यार में बदल गया।
परिवारों की रजामंदी के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया था और दिसंबर में शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन जिस जगह ने उनकी प्रेम कहानी को जन्म दिया, उसी ने उनकी जिंदगी का सबसे दुखद अंत लिख दिया।
जिस संस्थान में शुरू हुई प्रेम कहानी उसी में ली अंतिम सांस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीलेश और अनामिका अलीगंज स्थित उस संस्थान में साथ काम करते थे, जहां सोमवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
धुएं और लपटों के बीच फंसे कई लोग अपनी जान बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन नीलेश और अनामिका इस हादसे से बाहर नहीं निकल सके। दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दिसंबर में बजने वाली थीं शहनाइयां, घर में पसरा मातम
बताया जा रहा है कि दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। घर में खुशियों का माहौल था, भविष्य के सपने सजाए जा रहे थे और दिसंबर में शादी की तारीख को लेकर बातचीत चल रही थी। नीलेश और अनामिका ने अपने आने वाले जीवन के लिए कई योजनाएं बनाई थीं, लेकिन आग ने उन सभी सपनों को राख में बदल दिया। जिस घर में शादी की चर्चा हो रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
लखनऊ अग्निकांड में कुल 15 लोगों की जान गई, जिनमें अधिकतर युवा छात्र और कर्मचारी थे। इस हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी इंतजाम और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नीलेश और अनामिका की अधूरी प्रेम कहानी अब इस त्रासदी का सबसे भावुक चेहरा बन चुकी है—एक ऐसी कहानी, जो शादी के मंडप तक पहुंचने से पहले ही धुएं और लपटों में हमेशा के लिए खत्म हो गई।
नीलेश के भाई अभिषेक ने बताया जल्दी होने वाली थी शादी
नीलेश के भाई अभिषेक ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बताया कि
“नीलेश और अनामिका की दोस्ती ऑफिस से शुरू हुई थी और फिर यह रिश्ता धीरे-धीरे प्रेम में बदल गया, जिसे दोनों परिवारों ने भी स्वीकार कर लिया था. पिछले ही हफ्ते अनामिका के माता-पिता पश्चिम बंगाल से लखनऊ आए थे. नीलेश और उसके परिवार से मिलने के लिए, क्योंकि उनकी शादी की तैयारियां ज़ोरों पर थीं. हमारे घर पर एक छोटा सा समारोह हुआ. हम सब अनामिका से मिले. वह बहुत हंसमुख लड़की थी. “
