उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने समाज को विभाजित करने वाली ताकतों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और बांटने की कोशिश करने वाले लोग राष्ट्रहित के खिलाफ काम कर रहे हैं।
समाज को बांटने वालों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि भारत जैसे विविधता वाले देश में एकता सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोग जाति के आधार पर समाज में दरार डालकर अपने स्वार्थ पूरे करना चाहते हैं। ऐसे लोगों को उन्होंने “देश के गद्दार” बताते हुए कहा कि इनसे सावधान रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है तो समाज को बांटने वाली ताकतों को पहचानना होगा। जातिवाद के नाम पर राजनीति करने वाले लोग केवल अपने फायदे के लिए समाज में जहर घोलते हैं, जिससे विकास की गति प्रभावित होती है।
‘रश्मिरथी’ से लिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महान कवि Ramdhari Singh Dinkar की प्रसिद्ध कृति ‘रश्मिरथी’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस रचना में समाज को एकजुट रहने और जाति के भेदभाव से ऊपर उठने का संदेश दिया गया है।
उन्होंने कविता की पंक्तियों का हवाला देते हुए बताया कि असली सम्मान व्यक्ति के कर्म और गुणों से मिलता है, न कि उसकी जाति से। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था।
युवाओं के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसी विचारधाराओं से दूर रहना चाहिए जो समाज में विभाजन पैदा करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जरूरी है कि सभी लोग मिलकर काम करें और आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ें। जब समाज एकजुट होगा, तभी देश तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे साहित्य और इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जो समाज को जोड़ने और जागरूक करने का काम करते हैं।
उन्होंने राज्य के संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि इस तरह के साहित्यिक कार्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि नई पीढ़ी को सही दिशा मिल सके।
एकता ही विकास का रास्ता
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश की प्रगति केवल एकता और सामाजिक समरसता से ही संभव है। जातिवाद और विभाजनकारी सोच से दूर रहकर ही भारत को मजबूत और विकसित बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, Yogi Adityanath का यह बयान एक स्पष्ट संदेश देता है कि राष्ट्रहित सबसे ऊपर है और समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ जागरूक रहना समय की मांग है।
