उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण में भूमि देने वाले किसानों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग और सकारात्मक सोच के कारण आज प्रदेश को एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट मिलने जा रहा है। यह परियोजना न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे राज्य के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।
उड़ान संचालन की तैयारी तेज
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द यहां से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू हो सके। एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
किसानों की भूमिका रही महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़ी परियोजना की सफलता में स्थानीय लोगों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक होती है। जेवर के किसानों ने विकास को प्राथमिकता देते हुए अपनी भूमि उपलब्ध कराई, जिसके कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हो सकी। सरकार ने भी किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया है।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
जेवर एयरपोर्ट के संचालन से हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में उद्योग, होटल, लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास तेजी से औद्योगिक विकास होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उत्तर प्रदेश बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को देश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है। जेवर एयरपोर्ट इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और किसानों की भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है।
