उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने दिल्ली–बागपत–सहारनपुर–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए “गेमचेंजर” बताया है। यह कॉरिडोर हाल ही में शुरू हुआ एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जो दिल्ली से देहरादून के बीच कनेक्टिविटी को तेज और आसान बनाता है। इस परियोजना के जरिए न केवल यात्रा समय में भारी कमी आई है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, यह कॉरिडोर लगभग 210 किलोमीटर लंबा है और इसे अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। पहले जहां दिल्ली से देहरादून पहुंचने में 5 से 6 घंटे लगते थे, अब यह सफर करीब 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।
पश्चिमी यूपी को मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस कॉरिडोर से बागपत, शामली, सहारनपुर जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसानों और स्थानीय व्यापारियों को अपने उत्पाद बाजार तक तेजी से पहुंचाने में सुविधा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और छोटे उद्योगों में भी तेजी आएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय असंतुलन कम करने में मदद मिलेगी।
पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बढ़ावा
यह कॉरिडोर उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों और चारधाम यात्रा मार्ग से भी जुड़ता है। इससे हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा समय कम होने से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इसके अलावा, यह परियोजना ट्रैफिक जाम को कम करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। आधुनिक डिजाइन और बेहतर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
पर्यावरण का भी रखा गया ध्यान
इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि इसे पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया गया है। राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास बनाए गए हैं। यह भारत के ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
