Posted inउत्तर प्रदेश, न्यूज

12 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार रचेगी इतिहास, हरित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में 35 करोड़ पौधे लगाएगी सरकार

Yogi Adityanath Plant
12 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार रचेगी इतिहास, हरित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में 35 करोड़ पौधे लगाएगी सरकार
News on WhatsAppJoin Now

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) 12 जुलाई को राज्यभर में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का महाअभियान चलाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित है, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Yogi Adityanath सरकार ने सभी विभागों को सौंपे लक्ष्य

मेगा पौधरोपण अभियान की सफलता के लिए राज्य के विभिन्न विभागों को अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं। वन विभाग के साथ ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यान, पंचायती राज और अन्य विभाग भी बड़े स्तर पर पौधरोपण करेंगे। अभियान के लिए पहले से करोड़ों पौधे तैयार किए जा चुके हैं और जिलों में रोपण स्थलों की पहचान का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

सरकार ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि पौधारोपण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि पौधों की देखभाल भी नियमित रूप से की जाए।

हरित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रदेश के हरित क्षेत्र में स्थायी वृद्धि करना है। अभियान के तहत फलदार, औषधीय, छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे, राजमार्गों, नदी तटों और सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा, ताकि हरित आवरण बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिल सके।

जनसहभागिता से सफल होगा अभियान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा है कि

“पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”

उन्होंने विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों, किसान समूहों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है।

सरकार को उम्मीद है कि 12 जुलाई का यह महाअभियान न केवल नया रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में स्थायी जागरूकता भी पैदा करेगा।

ALSO READ: राम मंदिर के बाद बद्रीनाथ धाम में चोरी के आरोपों पर मायावती की प्रतिक्रिया, कहा “कांग्रेस और सपा को चाहिए कि…

अभिषेक को खेल से अटूट रिश्ते ने पत्रकार बनाया। 2016 में मीडिया डेब्यू किया तब से...