उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच महराजगंज जिले में भी स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इस जिले में संक्रमण को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 5 अगस्त से 5 सितंबर 2026 के बीच महराजगंज में स्वाइन फ्लू के कुल 33 मामले सामने आए हैं।
इनमें 16 मरीज अभी सक्रिय हैं। 9 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 7 मरीज घर पर अलग रहकर इलाज करा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सभी सक्रिय मरीजों की हालत फिलहाल सामान्य है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है।
बॉर्डर क्षेत्र में विशेष सतर्कता
महराजगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के लिए सीमा क्षेत्र महत्वपूर्ण है। नेपाल से आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही को देखते हुए संक्रमण से जुड़े लक्षणों पर नजर रखने और समय पर जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश हैं। सरकार पहले ही सभी जिलों में स्वाइन फ्लू को लेकर निगरानी मजबूत करने और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा करने पर जोर दे चुकी है।
योगी सरकार ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाइन फ्लू के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
अस्पतालों में जांच, आवश्यक दवाओं, उपचार व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर अलग वार्ड की तैयारी रखने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि स्थिति में किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत उच्च स्तर तक पहुंचाई जाए।
लक्षण दिखें तो जांच में देरी न करें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
घबराने की जरूरत नहीं, सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में घबराने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखने, स्वच्छता का ध्यान रखने और बीमारी के लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है। राज्य सरकार की निगरानी और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के बीच महराजगंज में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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