चित्रकूट में बाढ़ से पैदा हुए हालात के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
खराब मौसम के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट पहुंचे और राहत वितरण कार्यक्रम में लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा और हरसंभव सहायता दी जाएगी।
चित्रकूट और भगवान श्रीराम का भावनात्मक रिश्ता
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में चित्रकूट के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान लंबे समय तक इसी धरती पर समय बिताया था और चित्रकूट ने संकट के समय उन्हें आश्रय दिया था।
इसी भाव को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब चित्रकूट के लोग संकट में हैं, तो सरकार भी उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम की इस पवित्र भूमि के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार पूरी ताकत से काम करेगी।
किसान, व्यापारी और गरीब सभी को मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत और मुआवजे में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। किसान हों, व्यापारी हों, गरीब परिवार हों या साधु-संत, बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उसका आकलन कर राहत पहुंचाई जाएगी। सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
चित्रकूट में आई बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। इससे पहले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने करीब 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया था।
फसल से लेकर सड़क और बिजली तक पर फोकस
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को राहत देने की बात कही गई है। इसके अलावा बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कों, घाटों और बिजली व्यवस्था को दोबारा दुरुस्त करने का भरोसा भी दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन जरूरी कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी और नुकसान की भरपाई के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगी।
CM योगी आदित्यनाथ के सामने आपदा के बाद पुनर्निर्माण की चुनौती
चित्रकूट में बाढ़ का असर केवल घरों और फसलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिजली और संपर्क मार्गों पर भी पड़ा है। कई इलाकों में बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा। ऐसे में तत्काल राहत के साथ-साथ पुनर्निर्माण भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे और घोषणाओं से प्रभावित लोगों में राहत की उम्मीद बढ़ी है। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि नुकसान का सही सर्वे जल्द पूरा हो और मुआवजा तथा पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़े। सरकार की ओर से दिए गए भरोसे के मुताबिक बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाना और चित्रकूट की क्षतिग्रस्त व्यवस्था को दोबारा मजबूत करना प्राथमिकता बनी हुई है।
