Shreyas Iyer: क्रिकेट में कुछ पारियां ऐसी होती हैं, जिन्हें देखकर सिर्फ दर्शक ही नहीं, मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ी भी हैरान रह जाते हैं. न्यूजीलैंड (New Zealand Cricket Team) के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों ने कुछ ऐसा ही प्रदर्शन किया. मैदान के चारों ओर लगाए गए शानदार शॉट्स और तेजी से बनते रन देखकर हर कोई उनकी बल्लेबाजी का मुरीद हो गया. भारतीय टीम (Team India) के कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने इस प्रदर्शन को अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांच ओवर में 100 रन बनने जैसा नजारा पहले कभी नहीं देखा.
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि जिस अंदाज में उन्होंने गेंदबाजों का सामना किया, वह आंखों को सुकून देने वाला था. खास बात यह रही कि जब वह और संजू सैमसन बल्लेबाजी करने उतरे, तब गेंद सीम हो रही थी. ऐसे में उनके मन में भी सवाल उठा कि शुरुआती बल्लेबाजों ने इन परिस्थितियों में इतनी आसानी से रन कैसे बना लिए.
“यह शानदार था. जिस तरह से उन्होंने शॉट लगाए, वह आंखों को सुकून देने वाला था. जब संजू और मैं बल्लेबाजी करने उतरे, तब गेंद सीम हो रही थी. मैं सोच रहा था कि उन्होंने ऐसा कैसे कर लिया. यह सचमुच हैरान कर देने वाला था.”
पांच ओवर में 100 रन बनाना असाधारण उपलब्धि: Shreyas Iyer
भारतीय बल्लेबाजों के इस प्रदर्शन को लेकर जब पूछा गया कि क्या यह उनकी सबसे खास पारियों में से एक है, तो श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने बिना किसी संकोच के इसे असाधारण बताया. उनके मुताबिक, पांच ओवर में 100 रन बनते देखना ऐसा अनुभव था, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले कभी महसूस नहीं किया था.
टी20 क्रिकेट में तेजी से रन बनाना कोई नई बात नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इतनी कम अवधि में 100 रन बनाना बल्लेबाजी की आक्रामकता और आत्मविश्वास को दिखाता है. इस प्रदर्शन ने यह भी साबित किया कि जब बल्लेबाज अपनी लय हासिल कर लेते हैं, तो गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना कितना मुश्किल हो जाता है.
“सच कहूं तो पांच ओवर में 100 रन बनते मैंने पहले कभी नहीं देखा, खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर. निश्चित रूप से यह मेरे लिए सबसे खास प्रदर्शनों में से एक है.”
विदेशी परिस्थितियों में भी नहीं डगमगाया आत्मविश्वास
विदेशी धरती पर खेलना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता. अलग पिच, मौसम और गेंदबाजों की शैली के बीच बल्लेबाजों को अपने खेल में बदलाव करना पड़ता है. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों ने जिस तरह परिस्थितियों का सामना किया, उसने टीम के साथियों का भरोसा और बढ़ाया है.
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने कहा कि विदेश में खेलने के दौरान बल्लेबाजों को कई तरह की गेंदों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की, वह काबिल-ए-तारीफ है.
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने यह भी उम्मीद जताई कि टीम अपनी इस लय को आगे भी बरकरार रखेगी. सीरीज के तीसरे मुकाबले में ही सीरीज अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम के पास आगे के मैचों में भी इसी प्रदर्शन को जारी रखने का मौका है.
“विदेशी परिस्थितियों में इस तरह का प्रदर्शन करना बेहद महत्वपूर्ण है. आपको अलग-अलग तरह की गेंदों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन जिस तरह हमारे खिलाड़ियों ने इन चुनौतियों को पार किया, वह असाधारण था.”
उन्होंने खिलाड़ियों की तैयारी और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता की भी तारीफ की. शुरुआत में जेट लैग जैसी परेशानी के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस तरह मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, उससे वह काफी प्रभावित नजर आए.
गेंदबाजों ने यॉर्कर से रोकने की बनाई रणनीति: Shreyas Iyer
भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक तेवर देखकर गेंदबाजों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा. खिलाड़ी ने बताया कि 10 ओवर पूरे होने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि हार्ड लेंथ की गेंदें और हाफ वॉली भी बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट खेलने का मौका बन रही थीं. गेंद लगातार बाउंड्री के पार जा रही थी और रन गति पर नियंत्रण करना मुश्किल हो रहा था.
ऐसे में उन्होंने गेंदबाजों को अधिक से अधिक यॉर्कर डालने की सलाह दी. रणनीति यह थी कि बल्लेबाजों को सीधे बल्ले से शॉट खेलने के लिए मजबूर किया जाए या वाइड यॉर्कर के जरिए उन्हें बड़े शॉट लगाने से रोका जाए.
इस बदलाव का फायदा भी मिला और टीम ने रन गति को कुछ हद तक नियंत्रित करने की कोशिश की. उनका लक्ष्य भारतीय टीम को 200 रन से नीचे रोकना था. कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने कहा कि
“10 ओवर के बाद मुझे लगा कि वे हार्ड लेंथ की गेंदों और हाफ वॉली पर भी आसानी से छक्के लगा रहे हैं. मैंने गेंदबाजों से कहा कि जितना संभव हो, यॉर्कर डालें. जरूरत पड़े तो सभी छह गेंदें यॉर्कर हों. बल्लेबाजों को सीधे मैदान की ओर शॉट खेलने के लिए मजबूर करना या वाइड यॉर्कर डालना इस पिच पर हमारे लिए मददगार हो सकता था.”
Shreyas Iyer ने कहा टीम के प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा
इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि टी20 क्रिकेट में रणनीति के साथ-साथ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी कितना मायने रखता है. भारतीय बल्लेबाजों ने जहां अपने आक्रामक अंदाज से मुकाबले को यादगार बनाया, वहीं विपक्षी टीम ने भी रन गति रोकने के लिए अपने विकल्पों को आजमाया.
पांच ओवर में 100 रन बनाने जैसा प्रदर्शन लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है. भारतीय टीम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी इस लय को बरकरार रखने की होगी. जिस आत्मविश्वास के साथ खिलाड़ियों ने विदेशी परिस्थितियों में बल्लेबाजी की है, वह आने वाले मुकाबलों के लिए भी सकारात्मक संकेत है.
