इन 4 क्रिकेटरों को नहीं भाया अपने देश का क्रिकेट टीम, अपना देश छोड़ दूसरे देश से खेलकर बने बड़े नाम
इन 4 क्रिकेटरों को नहीं भाया अपने देश का क्रिकेट टीम, अपना देश छोड़ दूसरे देश से खेलकर बने बड़े नाम

अपनी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना किसी भी Cricket प्लेयर का सबसे बड़ा सपना होता है। पिछले कई सालों के दौरान कई क्रिकेट खिलाड़ी ऊंचाइयों तक का सफर तय कर सके हैं और कई खिलाड़ी यह सफलता हासिल करने में नाकाम रहे हैं। अनिश्चितताओं के खेल क्रिकेट में कई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका प्रतिभा होने के बावजूद भी नहीं मिला है।

कई खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय टीम में मौका न मिल पाने के कारण रिटायरमेंट की घोषणा कर दी गई, वहीं टीम में कई खिलाड़ी ऐसे भी रहे जिन्होंने अपनी हार को स्वीकार नहीं किया और अपने देश में मौका ना मिलने के कारण दूसरे देश जाकर क्रिकेट खेलने का निश्चय किया इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 4 खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने जन्म तो किसी और देश में लिया लेकिन क्रिकेट किसी और देश में खेलना चाहा।

टिम डेविड

आईपीएल 2022 के दौरान मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए टिम डेविड काफी सुर्खियां बटोरने में कामयाब रहे। आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन के दौरान मुंबई की टीम ने डेविड को 8.25 करोड़ की बड़ी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया था। मुंबई के लिए डेविड 8 मैचों में 186 रन बनाने में कामयाब रहे थे। सिंगापुर में जन्मे डेविड ने आस्ट्रेलिया की ओर से खेलने का मन बनाया है और जल्द ही ऑस्ट्रेलियाई जर्सी में नजर आएंगे।

अंशुमान रथ

साल 2018 के एशिया कप में अंशुमान रथ द्वारा हांगकांग की टीम का नेतृत्व किया गया था। क्रिकेट में और अधिक आगे बढ़ने के लिए अब उनके द्वारा भारतीय घरेलू टीम का रुख किया गया है अंशुमान रथ भारतीय टीम की तरफ से खेलना चाहते हैं। 5 नवंबर 1997 को हांगकांग में अंशुमान का जन्म हुआ था। अंशुमान हांगकांग के लिए कुल 30 मैच खेल चुके हैं। साल 2014 में उनके द्वारा अपना पहला मैच खेला गया था। 18 वनडे मैचों में उनके द्वारा 51.69 की शानदार औसत से 827 रन बनाए गए।

उन्मुक्त चंद

भारत के पूर्व अंडर-19 कप्तान उन्मुक्त चंद द्वारा साल 2012 के अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर टीम को खिताब जिताया गया था। लेकिन इसके बावजूद भी भारत की सीनियर टीम में वह अपनी जगह बनाने में नाकाम साबित हुए, जिसके चलते उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी।

इसके बाद उन्मुक्त अमेरिका चले गए और वहां की माइनर लीग क्रिकेट में उम्दा प्रदर्शन कर काफी सुर्खियां बटोरने में कामयाब रहे। इसके बाद उन्हें आस्ट्रेलिया के बिगबैश लीग में खेलने का चांस मिल सका। बीबीएल की फ्रेंचाइजी मेलबर्न रेनेगेड्स द्वारा उन्हें अपनी टीम में शामिल किया गया। बीबीएल लीग में खेलने वाले उन्मुक्त पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। उन्मुक्त जल्द ही अमेरिका की ओर से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलते नजर आएंगे।

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मोक्षा चौधरी

साल 2013 में महिला विश्व कप के लिए पंजाब की महिला खिलाड़ी मोक्षा चौधरी भारतीय संभावित खिलाड़ियों का हिस्सा थीं। पटियाला में जन्मी मोक्षा चौधरी 2017 में अमेरिका चली गई थी, और साल 2018 के जून में अमेरिका के लिए उन्होंने अपना पहला मैच खेला था। मोक्षा चौधरी को साल 2021 के सितंबर में मेक्सिको में, 2021 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप अमेरिका क्वालीफायर टूर्नामेंट के लिए अमेरिकी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए नामित किया गया था।

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