मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 43 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई। सरकार ने राज्य में बिजली वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए ₹11,000 करोड़ से अधिक की विशाल परियोजना को स्वीकृति दी है। इसके अलावा नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल, मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में औद्योगिक विस्तार और पटना में भूमिगत सड़क संपर्क (अंडरग्राउंड कॉरिडोर) की संभावना तलाशने जैसे कई नीतिगत निर्णय लिए गए।
1. ऊर्जा ढांचा: ₹11,096.55 करोड़ की योजना
विशाल वित्तीय स्वीकृति: राज्य में बिजली वितरण प्रणाली, ट्रांसफार्मरों के अपग्रेडेशन और एलटी (LT) केबलों की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹11,096.55 करोड़ की योजना मंजूर की गई है, जिसे आगामी तीन वर्षों में धरातल पर उतारा जाएगा।
मांग में भारी वृद्धि: सरकार के अनुसार बिहार में बिजली की अधिकतम मांग 2012 के 1,802 मेगावाट से बढ़कर 9,475 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसके अनुरूप भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए यह सुदृढ़ीकरण अनिवार्य था।
2. उद्योग, चीनी मिलें व ग्रीनफील्ड टाउनशिप
वारिसलीगंज (नवादा): वारिसलीगंज में नई अत्याधुनिक चीनी मिल के साथ-साथ डिस्टिलरी (आसवन इकाई), को-जनरेशन पावर प्लांट और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट की स्थापना को औपचारिक स्वीकृति दी गई।
मोतीपुर (मुजफ्फरपुर): बंद पड़ी चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन का पुनरुपयोग करते हुए 115.08 एकड़ भूमि चीनी मिल और शेष 151.58 एकड़ जमीन अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवंटित की जाएगी।
बिहार MSME पॉलिसी 2026: नीति को कार्योत्तर स्वीकृति मिली, जिसका लक्ष्य 5 वर्षों में 1 करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ना और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित करना है।
सैटेलाइट टाउनशिप: ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के चिन्हित क्षेत्रों में भूमि की खरीद-बिक्री व निबंधन पर लगी पुरानी पाबंदियों को हटा दिया गया है।
3. शहरी कनेक्टिविटी, जल संसाधन व खेल
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर: आर-ब्लॉक से कंकड़बाग तथा डाकबंगला चौराहे से पटना वीमेंस कॉलेज तक प्रमुख शहरी हिस्सों को जोड़ने के लिए भूमिगत सड़क सुरंग की व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) कराने का निर्णय लिया गया।
एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स: विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ परियोजनाओं के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर की सेवाओं हेतु ₹37.10 करोड़ स्वीकृत किए गए।
उड़ान योजना: ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को गति देने के लिए ₹43.50 करोड़ मंजूर हुए।
बाढ़ व बांध सुरक्षा: कोसी, गंडक और सोन नदियों के किनारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मैपिंग के लिए ₹1.99 करोड़ तथा राज्य के 24 प्रमुख बांधों की सुरक्षा जांच के लिए ₹8.39 करोड़ आवंटित किए गए।
बिहार स्टेट गेम्स 2026: लगभग 5,500 खिलाड़ियों की सहभागिता वाले इस राज्यस्तरीय खेल आयोजन हेतु ₹12 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
4. पुलिस, न्याय व उच्च शिक्षा सुधार
सिटी एसपी के 3 नए पद: मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में विधि-व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) के तीन नए पद सृजित किए गए।
आर्थिक अपराध इकाई (EOU): ईओयू के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए विभिन्न संवर्गों में 143 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली।
कमर्शियल कोर्ट: पटना न्यायमंडल में ₹1 करोड़ से अधिक मूल्य के व्यावसायिक विवादों के त्वरित निष्पादन हेतु दो अतिरिक्त वाणिज्यिक अदालतें (Commercial Courts) गठित होंगी।
हॉस्टल निर्माण: राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 49,000 छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय छात्रावास सुविधाओं के विकास हेतु ₹58.80 करोड़ स्वीकृत किए गए।
