Abhishek Sharma: भारत और आयरलैंड (IND vs IRE) के बीच आज दूसरा टी20 मैच बेलफास्ट में खेला जाना है. ये मैच भारत (Team India) के लिए करो या मरो वाला मुकाबला बन चूका है, 2 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच टीम इंडिया गंवा चुकी है, वहीं दूसरा टी20 मैच अगर आज भारतीय टीम (Team India) हार जाती है, तो भारतीय टीम ये सीरीज गंवा देगी, वहीं भारतीय टीम इस मैच को जीतने में सफल हुई तो सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म होगा.
भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को मौका नही मिला था, वहीं भारत के लिए संजू सैमसन (Sanju Samson) और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की थी, इस दौरान अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के बल्ले से शतक निकला था. अब जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं.
वैभव सूर्यवंशी के तारीफों के पूल बांधते नही थके Abhishek Sharma
वैभव सूर्यवंशी को पहले टी20 मैच में खेलने का मौका नही मिला, लेकिन दूसरे टी20 में उनका खेलना तय नजर आ रहा है. वहीं अभिषेक शर्मा भी वैभव सूर्यवंशी से काफी प्रभावित हैं और उन्होंने उनकी उत्सुकता और सवाल पूछने की आदत की तारीफ़ की है. अभिषेक शर्मा ने कहा कि टीम इंडिया, वैभव सूर्यवंशी को ड्रेसिंग रूम में घुलने में मदद कर रही है.
अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) का कहना है कि सूर्यवंशी को सहज करना बतौर उन सभी की जिम्मेदारी है. अभिषेक ने बताया कि सूर्यवंशी हर समय खेलने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं. वह अभी सीख रहे हैं. वह सवाल पूछते हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि उसमें सीखने की चाहत है. अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने बताया कि टीम का हर एक खिलाड़ी सूर्यवंशी को यह महसूस कराने की कोशिश कर रहा है कि वह भी इस टीम का हिस्सा हैं.
पहले टी20 में भारत को मिली 34 रनों से हार
भारतीय टीम ने पहले टी20 मैच में टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में कप्तान टकर के अर्द्धशतक की बदौलत 182 रन बना डाले, जिसके जवाब में जब भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो पूरी तरह से एक्सपोज हुई.
भारत के लिए सिर्फ अभिषेक शर्मा के बल्ले से अर्द्धशतक निकला, वहीं 7 बल्लेबाज तो 10 रनों के आंकड़े को नही छू सके और पूरी टीम इंडिया, आयरलैंड जैसी टीम के सामने 148 रनों पर आलआउट हो गई. भारत को इस मैच में 34 रनों से शिकस्त झेलना पड़ा.
