Richard Pybus: भारत और अफगानिस्तान (IND vs AFG) के बीच एकमात्र टेस्ट मैच मुल्लांपुर में आज भारत की जीत के साथ खत्म हुआ. भारतीय टीम (Team India) ने इस मुकाबले को 300 रन और 1 पारी के बड़े अंतर से जीता है. भारतीय टीम से मिली शर्मनाक हार की वजह अफगानिस्तान (Afghanistan Cricket Team) के कोच रिचर्ड पायबस (Richard Pybus) ने अफगानिस्तान के कप्तान की खराब रणनीति और फैसले को माना है.
अफगानिस्तान की टीम ने डीआरएस लेने में काफी गलतियां की, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा. केएल राहुल (KL Rahul), शुभमन गिल (Shubman Gill) ने शतक ठोका और ये दोनों बल्लेबाज आउट थे, लेकिन अंपायर ने इन्हें नॉटआउट दिया और अफगानिस्तान के कप्तान ने डीआरएस तक नही लिया, वहीं ऋषभ पंत (Rishabh Pant) के मामले में भी ऐसा ही रहा वो आउट होने के बावजूद भी खेलते रहे और 81 रनों की पारी खेली.
अफगानिस्तान के कोच Richard Pybus ने कप्तान को लगाई फटकार
अफगानिस्तान के विकेटकीपर अफसर जजाई इन तीनों मौकों पर कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी की मदद नहीं कर सके. इससे डीआरएस लेने का मौका निकल गया. अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस (Richard Pybus) ने कहा कि
“हम पूरी तरह से जंग खाए हुए थे. किसी को दोष दिए बिना मुझे लगता है कि फैसले लेने में यकीन की कमी थी और आखिर में कप्तान के पास निर्णय करने के लिए बहुत कम समय बचा. वह फीडबैक के भरोसे रहते हैं. हमने बाद में इस बारे में बात की क्योंकि हम वाकई इसमें पीछे थे और इससे हमें नुकसान हुआ.”
अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस ने आगे कहा कि
“मुझे लगता है कि कप्तान पूरी तरह से भरोसे थे और उनके पास दो लोग थे जिनसे फैसला करने से पहले बात करते हैं. उनके पास विकेटकीपर है जो अपना नजरिया देते हैं, वह उन्हें गेंद की ऊंचाई के बारे में बता सकते हैं. फिर वह (कप्तान) गेंदबाज के भरोसे रहते हैं जो बता सकते हैं कि सामने की तरफ क्या था.”
रिचर्ड पायबस ने अंपायर्स को लेकर कही ये बात
अफगान कीपर राहुल और पंत के बल्ले से लगकर आए किनारे पर अपील नहीं कर सके. वहीं शुभमन के मामले में वह संतुष्ट नहीं थे कि भारतीय कप्तान स्टंप्स के सामने थे. अफगानिस्तान के हेड कोच ने इन फैसलों को लेकर मैदानी अंपायर इब्ने सैकट और रिचर्ड इलिंगवर्थ से सहानुभूति रखी.
अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस (Richard Pybus) ने कहा कि
“जहां तक अंपायरिंग की बात है तो मैं डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट रहने के अनुभव से कह सकता हूं कि अंपायरिंग कितनी कठिन होती है और आईसीसी किस तरह से इन फैसलों को रिव्यू करती है. अंपायर्स के लिए कोई ढील नहीं होती. जब वे गलती करते हैं तो हर फैसला रिव्यू होता है. अंपायर को उस पर फीडबैक मिलता है.”
