मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से मुलाकात कर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगठन और सरकार के तालमेल पर जोर
दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को मध्य प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में संगठन और सरकार के बेहतर समन्वय के कारण योजनाओं का लाभ तेजी से जनता तक पहुंच रहा है।
सीएम यादव ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश भाजपा संगठन देश के सबसे मजबूत संगठनों में से एक है और आने वाले समय में सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में संगठन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। उन्होंने नितिन नवीन को मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया।
शिक्षा मॉडल पर केंद्र से सहयोग की तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की। इस दौरान नई शिक्षा नीति 2020 और मध्य प्रदेश के शिक्षा मॉडल को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने दावा किया कि नई शिक्षा नीति को सबसे पहले प्रभावी तरीके से लागू करने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश शामिल है।
उन्होंने प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों को देश के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि राज्य सरकार उच्च और तकनीकी शिक्षा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर नए प्रयोग करना चाहती है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री जल्द ही मध्य प्रदेश का दौरा कर सकते हैं और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
बंगाल राजनीति पर भी दिया बड़ा बयान
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बंगाल में विकास का नया दौर शुरू होगा।
सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा देशभर में विकास की राजनीति को आगे बढ़ा रही है और पश्चिम बंगाल भी अब उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कांग्रेस, वाम दलों और टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों के शासन में बंगाल विकास की दौड़ में पीछे रह गया था।
राजनीतिक रूप से क्यों अहम है यह दौरा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मोहन यादव का यह दिल्ली दौरा आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति से भी जुड़ा हुआ है। एक तरफ संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ तालमेल मजबूत करने की कोशिश दिखी, वहीं दूसरी ओर शिक्षा और विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास भी नजर आया।
मध्य प्रदेश में आगामी बड़े आयोजनों और राष्ट्रीय राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच यह दौरा भाजपा के भीतर मोहन यादव की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।
