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मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में लगेगा एथेनॉल प्लांट, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मथुरा की लंबे समय से बंद पड़ी छाता चीनी मिल को फिर से उपयोग में लाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में छाता चीनी मिल परिसर में एथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह मिल करीब 19 वर्षों से बंद है। कैबिनेट बैठक में कुल 23 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

गन्ने के साथ मक्का और धान से भी बनेगा एथेनॉल

प्रस्तावित संयंत्र को ड्यूल मोड व्यवस्था के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें गन्ने के अलावा मक्का और धान जैसे कृषि उत्पादों का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने के लिए किया जा सकेगा। इससे गन्ने की उपलब्धता कम होने के बाद भी संयंत्र का संचालन जारी रखने की व्यवस्था होगी। रिपोर्टों के अनुसार प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 3.96 करोड़ लीटर होगी।

200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना

एथेनॉल संयंत्र स्थापित करने की लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसे बंद पड़ी औद्योगिक इकाई की जमीन का उपयोग करते हुए विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने छाता शुगर मिल में न्यूनतम 120 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता वाले एथेनॉल संयंत्र को कन्सेशन-कम-लीज व्यवस्था के तहत स्थापित करने की मंजूरी दी है।

किसानों को मिलेगा अतिरिक्त बाजार

सरकार के इस फैसले का संबंध केवल बंद मिल को दोबारा उपयोग में लाने से नहीं है, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए कृषि उत्पादों का अतिरिक्त बाजार तैयार करने से भी है। गन्ने की उपलब्धता के साथ-साथ मक्का और धान को भी एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे क्षेत्र में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद

छाता क्षेत्र में संयंत्र के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुसार बंद पड़ी औद्योगिक इकाई को नए उत्पादन केंद्र में बदलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है। संयंत्र के लगभग 11 महीने संचालित होने की जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे साल रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

गन्ने की उपलब्धता बढ़ने पर चीनी मिल भी होगी शुरू

सरकार की योजना भविष्य में गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता होने पर छाता चीनी मिल को भी पूरी तरह संचालित करने की है। फिलहाल एथेनॉल संयंत्र के जरिए बंद औद्योगिक परिसर का उपयोग शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार गन्ने की उपलब्धता और उत्पादन बढ़ने के साथ चीनी मिल की गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।

23 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर

मंगलवार की बैठक में एथेनॉल प्लांट के अलावा बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। इनमें चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, स्मार्ट स्कूल, किसानों के लिए ऋण योजना और पूर्व अग्निवीरों को कुछ भर्तियों में आरक्षण जैसे फैसले शामिल हैं। इस तरह छाता एथेनॉल परियोजना को औद्योगिक विकास और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में गिना जा रहा है।