उत्तर प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास और बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ, उन्नाव-शुक्लागंज और रायबरेली में नई टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके लिए विकास प्राधिकरणों को भूमि अधिग्रहण और आवासीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 380 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत की गई है।
तीनों क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण पर जोर
सरकार के फैसले के तहत लखनऊ में 417 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए 300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं रायबरेली में ग्राम बेला भेला, पासापुर, खनुवा और सुलखियापुर फेस-एक में 51.732 हेक्टेयर भूमि के लिए 40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्नाव-शुक्लागंज क्षेत्र में ग्राम चौरा की 27.806 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए भी 40 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
कुल 655.76 करोड़ रुपये की योजना
नई टाउनशिप विकसित करने के लिए सरकार ने कुल 655.76 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसमें लखनऊ विकास प्राधिकरण को 531.47 करोड़ रुपये, उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण को 65.86 करोड़ रुपये और रायबरेली विकास प्राधिकरण को 58.43 करोड़ रुपये मिलने हैं। फिलहाल तीनों क्षेत्रों के लिए 380 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने को मंजूरी दी गई है।
भूमि अधिग्रहण में सरकार देगी सीड कैपिटल
यह योजना मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को भूमि अर्जन पर होने वाले खर्च का एक हिस्सा सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार के अनुसार इससे बड़े आवासीय क्षेत्रों के लिए आवश्यक भूमि जुटाने की प्रक्रिया आसान होगी और विकास प्राधिकरण योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे।
लखनऊ पर बढ़ते दबाव को कम करने की कोशिश
राजधानी लखनऊ में आबादी और आवासीय मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में योजनाबद्ध टाउनशिप विकसित करने से भविष्य की आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में मदद मिल सकती है। उन्नाव और रायबरेली में नए आवासीय क्षेत्र विकसित होने से लखनऊ के आसपास व्यवस्थित शहरी विस्तार को भी गति मिलने की संभावना है।
UP-SCR से जुड़े विकास को मिलेगी गति
लखनऊ और आसपास के जिलों में सरकार पहले से उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन यानी UP-SCR के तहत बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर रही है। इस क्षेत्र में लखनऊ के साथ उन्नाव और रायबरेली समेत आसपास के जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी और शहरी विकास से जोड़ने की योजना है। मेट्रो और नमो भारत जैसी परिवहन परियोजनाओं को भी क्षेत्रीय विकास के साथ जोड़ा जा रहा है।
आवासीय विकास को मिलेगा नया आधार
सरकार का कहना है कि नई टाउनशिप का उद्देश्य केवल मकानों का निर्माण करना नहीं, बल्कि व्यवस्थित और आधुनिक शहरी क्षेत्रों का विकास करना है। भूमि अधिग्रहण के बाद संबंधित विकास प्राधिकरण आगे की आवासीय और आधारभूत सुविधाओं की योजनाएं तैयार करेंगे। कैबिनेट के इस फैसले से लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली में आने वाले वर्षों में नए आवासीय क्षेत्रों के विस्तार का रास्ता खुल गया है।
