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Yogi Adityanath का बड़ा एक्शन, तूफान तबाही के बीच राहत अभियान तेज

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उत्तर प्रदेश में आए चक्रवाती तूफान जैसे भीषण मौसम ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। राज्य सरकार के अनुसार अब तक 117 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

कई जिलों में भारी नुकसान

लखनऊ, कानपुर, सीतापुर, बाराबंकी, उन्नाव और आसपास के जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। मौसम विभाग के मुताबिक कई इलाकों में हवा की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत टीमों को लगातार तैनात रखा है।

सरकार ने शुरू किया राहत अभियान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। कई जगहों पर सड़कों से पेड़ हटाकर यातायात बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी जारी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत टीमें भेजी जाएंगी।

लोगों में डर और सतर्कता

तूफान के बाद कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि प्रभावित लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें लगातार।