Posted inउत्तर प्रदेश, राजनीति

महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, सीएम Yogi Adityanath का कांग्रेस-सपा पर हमला

News on WhatsAppJoin Now

महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। लोकसभा में यह बिल पास नहीं हो सका, जिसके बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन दलों का रवैया महिलाओं के हितों के खिलाफ है और यही कारण है कि बिल को समर्थन नहीं मिल सका।

दरअसल, यह बिल संसद और विधानसभा में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से लाया गया था। लेकिन आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण यह पारित नहीं हो पाया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तापक्ष ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विपक्ष के रुख को “महिला विरोधी” बताकर जनता के बीच ले जाने की रणनीति बना रही है।

सीएम योगी ने अपने बयान में कहा कि जो दल महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं, वही संसद में उनके अधिकारों के खिलाफ खड़े नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा ने राजनीतिक कारणों से इस महत्वपूर्ण बिल का विरोध किया, जिससे देश की महिलाओं के सपनों को झटका लगा है। योगी ने इसे केवल एक विधायी हार नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरम हो गया है। जहां एक तरफ भाजपा इस मुद्दे को महिला सम्मान और सशक्तिकरण से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार पर्याप्त समर्थन जुटाने में असफल रही और अब दोष दूसरों पर मढ़ रही है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष की आलोचना की और महिलाओं से माफी तक मांगी। उन्होंने कहा कि यह बिल देश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण इसे मंजूरी नहीं मिल सकी।

महिला आरक्षण बिल की असफलता ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक सहमति के बिना बड़े सामाजिक बदलाव संभव हैं। फिलहाल, यह मुद्दा आने वाले चुनावों में भी बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, जहां सभी दल अपने-अपने तरीके से इसे जनता के सामने रखेंगे।