पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने खड़गपुर और कमरहाटी में चुनावी सभाओं को संबोधित कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। उनकी रैलियों ने राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा भर दी है और चुनावी मुकाबले को और तेज कर दिया है।
मोहन यादव ने अपने भाषण में राज्य की सत्ताधारी Mamata Banerjee सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो चुकी है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ही राज्य में सुशासन और विकास ला सकती है।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। उनके अनुसार, लंबे समय से चल रही नीतियों और शासन शैली से लोग परेशान हो चुके हैं और इस बार वे एक मजबूत विकल्प की तलाश में हैं। मोहन यादव ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में विकास की नई दिशा दी है और वही मॉडल बंगाल में भी लागू किया जाएगा।
चुनावी रैलियों में उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक विरोधियों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। वहीं बीजेपी ने अपने प्रचार में विकास, सुरक्षा और रोजगार को मुख्य मुद्दा बनाया है।
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में हो रहे हैं, जिसमें कुल 294 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी लगातार बड़े नेताओं की रैलियों के जरिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
मोहन यादव की रैलियों को बीजेपी के चुनावी अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इन सभाओं में उमड़ी भीड़ ने यह संकेत दिया है कि चुनावी मुकाबला कड़ा होने वाला है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन रैलियों का वोटरों पर कितना असर पड़ता है और बंगाल की राजनीति किस दिशा में जाती है।
