देश में मौजूदा हालात और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने, ऑनलाइन क्लास शुरू कराने और कुछ विभागों में वर्क फ्रॉम होम लागू करने जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। शिक्षा विभाग, गृह विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लागू किया जा सके।
छात्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
राज्य सरकार का कहना है कि बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यदि परिस्थितियां सामान्य नहीं रहती हैं तो स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। इसके बदले ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई जारी रखने की योजना बनाई जा रही है ताकि छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग ने कई जिलों से स्कूलों की तैयारियों और डिजिटल सुविधाओं की रिपोर्ट भी मांगी है। जिन स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर है, उन्हें बैकअप प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अभिभावकों से भी अफवाहों पर ध्यान न देने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बन रही रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, कुछ संवेदनशील विभागों में कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। इससे जरूरत पड़ने पर भी सरकारी कामकाज प्रभावित नहीं होगा। आईटी और प्रशासनिक विभागों को डिजिटल माध्यम से काम करने की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था और जरूरी सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से सावधान रहने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी फैसले की आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी माध्यमों से ही दी जाएगी।
फिलहाल प्रदेश में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन सरकार एहतियात के तौर पर हर संभावित विकल्प पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में परिस्थितियों के अनुसार स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
