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बाढ़ प्रभावित इलाकों में योगी सरकार का राहत अभियान तेज, सुरक्षित बचाव और जरूरी सुविधाओं पर जोर

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उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन और दवाएं उपलब्ध कराने तथा लगातार निगरानी रखने पर जोर दे रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कार्रवाई तेज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रशासन को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं का समाधान करने और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

लखनऊ के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण

लखनऊ के बरावन कला, सैथा, जेहटा, माल रोड और फैजुल्लागंज सहित प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने निरीक्षण किया। जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित बस्तियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी जरूरतों और राहत व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की।

गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान

राहत अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों को निकालने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटने में देरी न हो।

भोजन, दवाएं और पशुओं के चारे की व्यवस्था

प्रभावित परिवारों तक नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। जरूरतमंद लोगों को भोजन, आवश्यक सामान और दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था रखने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने को कहा गया है। इसके साथ ही पशुओं के लिए भूसा और चारा उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बाढ़ से प्रभावित पशुपालकों को अतिरिक्त परेशानी न हो।

रात में निगरानी और अतिरिक्त नियंत्रण कक्ष

प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। दाऊद नगर में अतिरिक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की व्यवस्था भी बताई गई है, जिससे लोगों की शिकायतों और जरूरतों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके। गोमती नदी के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

भविष्य में बाढ़ से बचाव की तैयारी

राहत कार्यों के साथ भविष्य में बाढ़ का प्रभाव कम करने के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गोमती नदी के किनारे फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध निर्माण की संभावनाओं का सर्वेक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ जल निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई गई है, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर बस्तियों में पानी जमा न रहे।