लखनऊ में आयोजित यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया। यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत छह औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कमेंडेशन प्रदान किए गए, जबकि पांच इकाइयों को वित्तीय लाभ दिया गया।
इसके साथ ही प्रदेश में नए निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। सरकार का उद्देश्य टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश, रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देना है।
यूपी की छह इकाइयों को मिला सम्मान
नीति के तहत शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद को 30.50 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ कमेंडेशन दिया गया। राजलक्ष्मी कॉटन मिल्स, गौतमबुद्धनगर को 12.69 करोड़ रुपये, आधुनिक मैटेरियल एंड साइंसेज, कानपुर को 10 करोड़ रुपये, पी एग्रो इंडिया इंडस्ट्रीज, बरेली को 7.72 करोड़ रुपये, रामकुमार एग्रो प्रोडक्ट, बरेली को 6.69 करोड़ रुपये और आरएस पॉलिटेक्स, चंदौली को 6.34 करोड़ रुपये का सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
उद्यमियों को वित्तीय सहायता
टेक्सटाइल नीति के तहत उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया गया। जीईएससी स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड, रामपुर के निदेशक संदीप खंडेलवाल को 32.68 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिला।
पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड, अंबेडकरनगर को 5.26 करोड़ रुपये और एमको एक्सपोर्ट, बुलंदशहर को 3.75 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। सक्षम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर और मेसर्स एंड पीएग्रो लिमिटेड को भी नीति के तहत वित्तीय लाभ दिया गया।
निवेश के लिए नौ संस्थाओं से एमओयू
कॉन्क्लेव के दौरान उत्तर प्रदेश में नए निवेश के लिए नौ कंपनियों और संस्थाओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इनमें एलायंस ग्रुप, आइकोनिक ग्लोबल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, यूनाइटेड एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड, टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, एमआई इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, एएमडी इंडस्ट्रीज, महालक्ष्मी टेक्नोप्रैक प्राइवेट लिमिटेड, ऋचा ग्लोबल और रचित प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
नीति से उद्योगों को मिल रही राहत
यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के जरिए सरकार उद्यमियों को विभिन्न प्रकार की आर्थिक और औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
पूंजीगत निवेश को प्रोत्साहन, ब्याज में सहायता और अन्य नीतिगत लाभों के माध्यम से उद्योगों के लिए निवेश का माहौल आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे मौजूदा इकाइयों के विस्तार के साथ नई औद्योगिक परियोजनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रोजगार सृजन पर भी जोर
टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश बढ़ने का सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ने की संभावना है। नई इकाइयों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा।
साथ ही बुनकरों, कारीगरों, तकनीकी कर्मचारियों और छोटे उद्यमियों को भी नए अवसर मिल सकते हैं। सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र को उत्पादन और रोजगार का मजबूत आधार बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
यूपी को टेक्सटाइल हब बनाने की तैयारी
कॉन्क्लेव में दिए गए प्रोत्साहन और निवेश समझौते इस बात का संकेत हैं कि उत्तर प्रदेश वस्त्र उद्योग को बड़े स्तर पर विकसित करने की तैयारी कर रहा है। सरकार की नीतिगत सहायता और उद्योग जगत की बढ़ती रुचि से प्रदेश में निवेश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
आने वाले समय में नए निवेश, तकनीकी उन्नयन और रोजगार सृजन के जरिए उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
ALSO READ: बड़े निवेश के लिए तैयार उत्तर प्रदेश, उद्योग जगत ने टेक्सटाइल हब बनाने की योगी सरकार की पहल को सराहा
