उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख वस्त्र केंद्र बनाने की दिशा में यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में निवेश के लिए बने अनुकूल माहौल की सराहना की।
रामकी समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुशासन, सुरक्षा और बेहतर आधारभूत ढांचे ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं से बढ़ा भरोसा
रामी रेड्डी ने कहा कि उद्योगपति अपना पैसा ऐसे स्थान पर लगाना चाहते हैं, जहां उन्हें सुरक्षा के साथ स्थिर और भरोसेमंद वातावरण मिले। उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था, बेहतर सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं से औद्योगिक विकास को गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास विशाल बाजार, पर्याप्त संसाधन और युवा कार्यबल है, जिससे यहां बड़े निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
तमिलनाडु के अनुभव से सीखने की जरूरत
उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग देश के पुराने और महत्वपूर्ण उद्योगों में शामिल है। तमिलनाडु ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और उत्तर प्रदेश भी वहां के सफल अनुभवों से सीख सकता है। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी। लखनऊ के आसपास और प्रदेश के अन्य हिस्सों में विकसित किए जा रहे वस्त्र केंद्र और पार्क इस दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत हैं।
वॉक-टु-वर्क मॉडल से मिलेगा फायदा
रामी रेड्डी ने कहा कि वस्त्र पार्कों में बेहतर सुविधाओं के साथ निजी क्षेत्र की मजबूत औद्योगिक इकाइयों को लाने पर जोर दिया जाना चाहिए। ‘वॉक-टु-वर्क’ जैसी व्यवस्था से उद्योग और श्रमिक दोनों को लाभ होगा।
इससे काम करने वाले लोगों का समय बचेगा और औद्योगिक गतिविधियों की क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक वस्त्र मानचित्र पर भी मजबूत पहचान बनाएगा।
350 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
प्रीकॉट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विन चंद्रन ने कहा कि भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग बदलाव के दौर से गुजर रहा है।
अगले पांच वर्षों में भारतीय वस्त्र एवं परिधान बाजार को करीब 180 अरब डॉलर से बढ़ाकर 350 अरब डॉलर और निर्यात को लगभग 37 अरब डॉलर से 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए तकनीकी उन्नयन, बड़े पैमाने पर विस्तार और आधुनिक औद्योगिक व्यवस्था जरूरी होगी।
कौशल विकास और नई तकनीक पर जोर
अश्विन चंद्रन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास युवा कार्यबल, मजबूत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग आधार, हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा तथा बड़ा घरेलू बाजार है।
प्रदेश तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ उत्पाद और उच्च मूल्य वाले घरेलू वस्त्रों में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने की जरूरत बताई।
कुशल कार्यबल तैयार करने की तैयारी
चंद्रन ने कहा कि उद्योग के विस्तार के लिए स्थिर नीतियों, बेहतर आधारभूत ढांचे, प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली-पानी, तेज मंजूरी और कुशल मानव संसाधन की जरूरत है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग की इच्छा जताई।
उद्योग जगत के इस समर्थन से यूपी को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की योगी सरकार की कोशिशों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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