मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भोजशाला केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और शिक्षा का प्रतीक है। इसी उद्देश्य से यहां ‘मां सरस्वती लोक’ विकसित किया जाएगा, जिससे यह स्थान देशभर के श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
सीएम मोहन यादव ने अपने दौरे के दौरान मां सरस्वती के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजा भोज की विरासत को संरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की धरती ज्ञान और संस्कृति की भूमि रही है तथा भोजशाला उसका जीवंत उदाहरण है।
राजा भोज शोध संस्थान की भी घोषणा
मुख्यमंत्री ने भोजशाला परिसर में ‘राजा भोज शोध संस्थान’ स्थापित करने की घोषणा भी की। इस संस्थान का उद्देश्य भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य और पुरातत्व पर शोध को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि राजा भोज केवल एक शासक नहीं थे, बल्कि महान विद्वान और संस्कृति संरक्षक भी थे। उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
सीएम ने कहा कि शोध संस्थान बनने से देश-विदेश के विद्वानों को भारतीय ज्ञान परंपरा पर अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही धार जिले को सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
भोजशाला का ऐतिहासिक महत्व
धार की भोजशाला लंबे समय से ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का केंद्र रही है। मान्यता है कि यह स्थान मां सरस्वती की आराधना से जुड़ा रहा है और यहां विद्या की साधना की जाती थी। राजा भोज के शासनकाल में यह शिक्षा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता था।
भोजशाला को लेकर वर्षों से विभिन्न पक्षों के बीच विवाद भी रहा है, लेकिन सरकार इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार की योजना के अनुसार ‘मां सरस्वती लोक’ बनने के बाद यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इससे भोजशाला की ऐतिहासिक पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा धार जिले का विकास भी तेज गति से होगा।
