बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी ‘नशामुक्त बिहार अभियान 2026’ के तहत मधुबनी जिले में भी विशेष जागरूकता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। पटना के अधिवेशन भवन से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान से मधुबनी समाहरणालय और स्थानीय स्तर पर आयोजित सभा में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (लाइव प्रसारण) के माध्यम से जुड़े।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाइव संवाद में स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं को नशे की गर्त से बचाना और एक स्वस्थ, आत्मनिर्भर बिहार बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगा चार चरणीय महाभियान
मधुबनी जिले के शहरी निकायों से लेकर सुदूर ग्रामीण पंचायतों तक यह अभियान पूरे एक महीने तक चार अलग-अलग चरणों में संचालित होगा:
प्रथम चरण (27–31 अक्टूबर – नगर की प्रतिज्ञा): शहरी क्षेत्रों, बाजारों, चौक-चौराहों और प्रमुख संस्थानों में जन-रैलियां, सूचना डेस्क और शपथ ग्रहण कार्यक्रम।
द्वितीय चरण (1–7 नवंबर – गांव का संकल्प): ग्राम पंचायतों, चौपालों और किसान-मजदूर संवाद के जरिए घर-घर नशामुक्ति का संदेश।
तृतीय चरण (8–16 नवंबर – पर्व और परिवार): महापर्व छठ पूजा के दौरान विभिन्न घाटों, सामुदायिक स्थलों और पारिवारिक मिलन समारोहों में नशामुक्त परिवार का आह्वान।
चतुर्थ चरण (17–25 नवंबर – युवा जोश): स्कूल-कॉलेजों में निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, मैराथन और खेलकूद के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जोड़ना।
जागरूकता रथों को हरी झंडी और स्थानीय स्तर पर शपथ ग्रहण
प्रचार वाहन रवाना: जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों के लिए विशेष ऑडियो-विजुअल प्रचार वाहनों (जागरूकता रथों) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो नुक्कड़ नाटकों और वीडियो क्लिपिंग्स के जरिए नशे के सामाजिक, आर्थिक व शारीरिक दुष्प्रभावों से लोगों को आगाह करेंगे।
सामूहिक संकल्प: कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, जीविका दीदियों और छात्र-छात्राओं को जीवनपर्यंत किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन न करने और समाज को जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर: भारत-नेपाल सीमा से सटे होने के कारण मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब और सूखे नशीले पदार्थों (स्मैक, चरस, गांजा) की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सघन जांच और निगरानी अभियान चलाने का निर्देश दिया।
