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सम्राट चौधरी ने खोली विकास योजनाओं की फाइल: 12 लाख आवास, आमस-शिवरामपुर सड़क और साइंस सिटी के लिए डेडलाइन तय

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बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पटना स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। ‘बिहार गति’ के तहत आयोजित इस बैठक में राज्य में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की अद्यतन प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुंचे।

1. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): 12 लाख घरों का लक्ष्य

समयबद्ध पूर्णता: मुख्यमंत्री ने राज्य में 12 लाख पक्के आवास बनाने के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।

पारदर्शिता और सर्वे: आवास निर्माण के लिए सर्वे कार्य में तेजी लाने और प्राप्त आपत्तियों का पारदर्शी व त्वरित निपटारा करने को कहा गया।

बाढ़ पीड़ितों को वरीयता: हालिया बाढ़ से प्रभावित बेघर परिवारों को आवास आवंटन की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखने का निर्देश दिया गया, ताकि वे शीघ्र पुनर्वासित हो सकें।

कमजोर जनजातियों पर फोकस: ‘पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान’ (PM-JANMAN) के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों को पक्का घर दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।

वास भूमि की उपलब्धता: ‘मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना’ के तहत भूमिहीन लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिलों के प्रभारी सचिवों को अंचलवार सरकारी जमीन की समीक्षा करने का आदेश दिया गया।

2. सड़क एवं राजमार्ग निर्माण: आमस-शिवरामपुर खंड (2027 तक लक्ष्य)

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-119D (Amas–Darbhanga Expressway) के पैकेज-1 के तहत 55 किलोमीटर लंबे आमस-शिवरामपुर सड़क खंड की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को हर हाल में वर्ष 2027 तक पूरा करने की समय-सीमा तय की।

‘बिहार जलाशय पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति’ के अंतर्गत निर्माण सामग्री व गाद निकासी को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया।

3. पटना साइंस सिटी परियोजना: 2028 तक पूरी करने की डेडलाइन

पटना के राजेंद्र नगर में निर्माणाधीन विश्वस्तरीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी की विभिन्न दीर्घाओं (गैलरियों) और वैज्ञानिक प्रदर्शों के निर्माण कार्य की प्रगति देखी गई।

मुख्यमंत्री ने इसे अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करते हुए वर्ष 2028 तक हर हाल में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया।