झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगामी 1 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा तय हो गया है और वे शुक्रवार (30 अक्टूबर) को रांची से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
इस महारैली के माध्यम से विपक्षी गठबंधन केंद्र सरकार की नीतियों, चुनाव प्रणाली से जुड़े विवादों और हालिया विधायी संशोधनों के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर संयुक्त शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है।
महारैली के प्रमुख मुद्दे और एजेंडा
SIR (मतदाता सूची पुनरीक्षण) विवाद पर विरोध:
विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (Special Summary Revision / SIR) प्रक्रिया में कथित विसंगतियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। महारैली में इसे लोकतंत्र और मताधिकार पर हमला बताते हुए पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
MMDR संशोधन कानून का विरोध:
खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम (MMDR Act) के प्रावधानों और राज्यों के खनिज व रॉयल्टी अधिकारों के विषय को लेकर झारखंड सहित गैर-भाजपा शासित राज्य केंद्र की नीतियों के खिलाफ मुखर हैं। इस मंच से इसे संघीय ढांचे पर आघात बताते हुए वापस लेने या समीक्षा की मांग की जाएगी।
‘दिल्ली चलो मार्च’ का समापन:
महारैली में जनभागीदारी जुटाने के लिए विपक्षी दलों द्वारा चलाए जा रहे ‘दिल्ली चलो रामलीला मार्च’ का समापन भी 1 नवंबर को इसी रैली के साथ होगा।
विपक्ष के शीर्ष नेताओं का जमावड़ा
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले इस सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन सहित ‘इंडिया’ गठबंधन के तमाम वरिष्ठ नेता व मुख्यमंत्री एक मंच पर नजर आएंगे।
रैली को लेकर दिल्ली प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी की मुकम्मल व्यवस्था की गई है।
