बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया (इंटरनेट मीडिया) पर आपत्तिजनक, भ्रामक और अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में पटना साइबर थाने में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ‘खुरपेच’ (@khurpenchh) नाम से संचालित हैंडल के विरुद्ध की है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है और प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजकर डिजिटल गतिविधियों का ब्यौरा मांगा है।
‘एक्स’ (Twitter) को भेजा गया नोटिस: मांगी गई ये जानकारियां
साइबर थाने की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के नोडल अधिकारी को औपचारिक नोटिस जारी कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है:
यूजर की पहचान व पंजीकरण विवरण: ‘खुरपेच’ हैंडल संचालित करने वाले यूजर का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और रजिस्ट्रेशन के समय दर्ज की गई सभी जानकारियां।
लॉगिन क्रेडेंशियल्स व आईपी एड्रेस: अकाउंट किस डिवाइस और किस इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस से संचालित किया जा रहा है, इसका पूरा तकनीकी लॉग।
आपत्तिजनक वीडियो हटाने की मांग: नोटिस में उस आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट का यूआरएल (URL) संलग्न करते हुए प्लेटफॉर्म से इसे तुरंत हटाने या ब्लॉक करने का अनुरोध किया गया है, ताकि भ्रामक और अमर्यादित सामग्री का प्रसार रोका जा सके।
क्या है पूरा विवाद?
शिकायत के अनुसार, ‘खुरपेच’ अकाउंट से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राजनीतिक सफर और बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हुए एक व्यंग्यात्मक रील (वीडियो) पोस्ट की गई थी, जिसमें बेहद अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इस सामग्री के वायरल होने और जनभावनाओं को आहत करने के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान और प्राप्त शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट और सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ अभद्र, व्यक्तिगत और भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बिहार में साइबर अपराध और सोशल मीडिया निगरानी को लेकर सरकार के सख्त रुख की पृष्ठभूमि आप साइबर अपराध पर Samrat Choudhary का वक्तव्य पर देख सकते हैं।
यह वीडियो रिपोर्ट बिहार सरकार द्वारा साइबर अपराध, डिजिटल निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अपनाए गए कड़े रुख और नीतिगत दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।
