उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एपी तटबंध का हिस्सा टूट गया था, जिससे आसपास के गांवों में पानी पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के साथ मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत कार्यों की जानकारी ली।
बेदूपार में पीड़ितों से मिले
सीएम योगी सेवरही क्षेत्र के बेदूपार इंटर कॉलेज पहुंचे, जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर बनाया गया है। उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट दी।
पांच हजार राहत किट की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार राहत पैकेट तैयार किए गए हैं। इनमें चावल, आटा, दाल, आलू, चना, तेल, मसाले और नमक समेत रोजमर्रा की जरूरी सामग्री शामिल है। प्रशासन को राहत सामग्री जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नारायणी में अचानक बढ़ा पानी
सीएम योगी ने बताया कि पिछले कई दिनों की भारी बारिश के साथ नेपाल में हुई अतिवृष्टि के कारण नारायणी नदी में पानी का प्रवाह अचानक बढ़ गया। रिपोर्टों के मुताबिक सामान्य दिनों में नदी में करीब तीन से चार लाख क्यूसेक पानी रहता है, जबकि इस दौरान प्रवाह करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके दबाव के कारण तटबंध प्रभावित हुआ और आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी।
मृतकों के परिवार को चार लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने बाढ़ में जनहानि होने की स्थिति में मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने और आंशिक नुकसान वाले घरों की मरम्मत के लिए सहायता देने के निर्देश दिए गए।
फसल नुकसान का होगा सर्वे
बाढ़ से प्रभावित गांवों में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आकलन पूरा कर प्रभावित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों और तटबंधों की मरम्मत पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
NDRF-SDRF और PAC की टीमें तैनात
राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तथा PAC की फ्लड यूनिट तैनात की गई हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
भविष्य में बाढ़ रोकने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बाढ़ का पानी कम होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य नदी के प्रवाह को बेहतर करना और भविष्य में तटबंध तथा आसपास के गांवों पर बाढ़ के दबाव को कम करना है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
