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कुशीनगर में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे CM योगी, राहत और मुआवजे का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ CM
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने और एपी तटबंध में टूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया था। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद बेदूपार इंटर कॉलेज में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री भी वितरित की।

प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही राहत शिविरों में भोजन, पानी, रोशनी और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये

सीएम योगी ने घोषणा की कि बाढ़ में जनहानि होने पर मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।

किसानों को 10 दिन में मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बताया गया कि बाढ़ से प्रभावित करीब 15 से 16 गांवों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। सड़कों और तटबंधों की मरम्मत के लिए भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

नारायणी नदी में बढ़ा जलस्तर

सीएम योगी ने बताया कि लगातार भारी बारिश और नेपाल से पानी आने के कारण नारायणी नदी में जलप्रवाह अचानक बढ़ गया। सामान्य तौर पर नदी में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी रहता है, जबकि हालात बिगड़ने पर यह करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके दबाव के कारण तटबंध का हिस्सा टूट गया और आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया।

पांच हजार राहत पैकेट की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार राहत पैकेट तैयार किए गए हैं। इनमें चावल, आटा, आलू, दाल, चना, तेल, मसाले और नमक समेत जरूरी खाद्य सामग्री शामिल है। प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

NDRF-SDRF की टीमें तैनात

राहत और बचाव अभियान में NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाने और सांप या जंगली जानवर के काटने की स्थिति में अस्पतालों में तत्काल वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ के स्थायी समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान नारायणी नदी की क्षमता बढ़ाने के लिए ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का मुद्दा भी सामने आया। अधिकारियों को नदी की जलधारण क्षमता बढ़ाने और भविष्य में अत्यधिक जलप्रवाह के दौरान बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।