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गोरखपुर में जमीन विवाद पर सीएम योगी सख्त, बोले- रास्ता नहीं दिला पाए तो लेखपाल से तहसीलदार तक नपेंगे

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गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जमीन से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि भूमि विवादों का समाधान तेजी से और निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की जमीन या आवागमन के रास्ते से जुड़ी समस्या का समाधान अधिकारी नहीं करा पाते हैं तो लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों को टालने या लंबे समय तक लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लेखपाल से तहसीलदार तक होगी जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने भूमि विवादों में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका को लेकर विशेष रूप से सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी पीड़ित को उसकी जमीन तक जाने का रास्ता उपलब्ध नहीं कराया जा सकता तो संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई तक की जा सकती है। मुख्यमंत्री का निर्देश था कि अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति समझें और केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर मामले को खत्म न करें।

अवैध कब्जे पर भी कार्रवाई के निर्देश

जनता दर्शन में जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े मामले भी सामने आए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीब और जरूरतमंद लोगों की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी दबंग या प्रभावशाली व्यक्ति ने जमीन पर कब्जा किया है तो उसे कानून के अनुसार हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही वास्तविक भूमि मालिक को उसका अधिकार दिलाने पर जोर दिया गया।

शिकायतों का संतोषजनक समाधान जरूरी

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं होना चाहिए। फरियादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि मामलों की जांच निष्पक्ष तरीके से कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

करीब 150 लोगों की सुनी समस्याएं

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में लोगों की समस्याएं सुनीं। करीब 150 फरियादियों ने अपनी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इनमें भूमि विवाद, कब्जे और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पात्र लोगों को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इलाज के लिए भी मदद का भरोसा

जनता दर्शन में केवल जमीन से जुड़े मामले ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले लोग भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जरूरतमंद मरीजों के चिकित्सा संबंधी दस्तावेज और अनुमान जल्द तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।

कुल मिलाकर, गोरखपुर जनता दर्शन में सीएम योगी का रुख भूमि विवादों को लेकर बेहद सख्त रहा। उनके निर्देश से स्पष्ट है कि सरकार राजस्व संबंधी मामलों में देरी और लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करना चाहती है। जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान के साथ अवैध कब्जों पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी गई है।