उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी बीच भाजपा के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह के एक बयान ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। जब उनसे पूछा गया कि आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार दोबारा बनेगी या समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सत्ता में वापसी करेंगे, तो उन्होंने सीधा जवाब दिया- ‘इस बार लड़ाई है।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह झूठ बोलकर किसी को खुश नहीं कर सकते।
‘क्या हम झूठ बोल दें’, भाजपा नेता ने क्यों कही ये बात?
एक टीवी साक्षात्कार में बृजभूषण शरण सिंह से सवाल किया गया कि क्या इस बार भी भाजपा के लिए चुनाव एकतरफा रहेगा। इस पर उन्होंने दोहराया कि मुकाबला आसान नहीं होगा। जब उनसे कहा गया कि वह भाजपा के नेता हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि क्या वह झूठ बोल दें। उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है।
बृजभूषण ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में 37 सीटें मिली थीं और उसके पीछे अलग राजनीतिक परिस्थितियां थीं। उनका कहना था कि राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं। उन्होंने यह भी माना कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद सरकारों के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल बनना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक 2027 में मुकाबला कड़ा हो सकता है।
अखिलेश यादव को लेकर भी रखी अपनी राय
बृजभूषण शरण सिंह ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनके बीच राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन वह व्यक्तिगत स्तर पर किसी को अपशब्द नहीं कहते। इससे पहले भी बृजभूषण के अखिलेश यादव के प्रति अपेक्षाकृत नरम बयानों की चर्चा होती रही है। इसी वजह से दोनों नेताओं के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
राम मंदिर मुद्दे पर भी बोले बृजभूषण
इंटरव्यू के दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर भी बृजभूषण ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव में प्रमुख चुनावी मुद्दा नहीं बनेगा। उनके अनुसार चुनाव में मुख्य चर्चा मौजूदा सरकार के कामकाज को लेकर होगी। उन्होंने इस मामले को लेकर विपक्ष पर भी सवाल उठाए और कहा कि मंदिर तथा सनातन से जुड़े विषयों को राजनीतिक रूप से अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।
2027 में कांटे की टक्कर के संकेत
बृजभूषण शरण सिंह के बयान के बाद यूपी की चुनावी राजनीति में चर्चा और तेज हो गई है। भाजपा लगातार योगी सरकार के विकास और कानून-व्यवस्था के काम को मुद्दा बना रही है, जबकि समाजवादी पार्टी सरकार के खिलाफ अलग-अलग जनमुद्दों को लेकर मैदान तैयार कर रही है। ऐसे में पूर्व भाजपा सांसद का यह कहना कि ‘इस बार लड़ाई है’, चुनावी मुकाबले को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि चुनाव में अंतिम नतीजा मतदाताओं के फैसले से तय होगा, लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि 2027 का मुकाबला पहले से ही दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है।
