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पारसनाथ में 4-5 नवंबर को मरांग बुरु धर्मगाढ़ महासम्मेलन: CM हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि, जुटेंगे देश-विदेश के श्रद्धालु

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गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत पारसनाथ पहाड़ की तलहटी (मधुबन स्थित मरांग बुरु) में आगामी 4 और 5 नवंबर को दो दिवसीय ‘मरांग बुरु धर्मगाढ़ महासम्मेलन-2026’ (अंतर्राष्ट्रीय संथाल आदिवासी धर्म महासम्मेलन) का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक धार्मिक समागम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

हाल ही में संथाल समाज और ‘मरांग बुरु बचाओ मोर्चा’ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें इस महासम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया था, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

1,300 डेलीगेट्स और हजारों श्रद्धालुओं का महाजुटान

देश-विदेश से भागीदारी: इस दो दिवसीय महासम्मेलन में झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों (नेपाल व बांग्लादेश) से करीब 1,300 चयनित प्रतिनिधि (Delegates) और हजारों की संख्या में सरना धर्मावलंबी शामिल होंगे।

तैयारियां व व्यवस्थाएं: बड़े पैमाने पर जुटने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा मधुबन व पीरटांड़ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल, यातायात और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है।

महासम्मेलन का मुख्य एजेंडा और विचार-विमर्श के बिंदु

आदिवासी अस्मिता व आस्था: मरांग बुरु (पारसनाथ) को लेकर संथाल समाज की पारंपरिक आस्था, धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर साझा रणनीति तय की जाएगी।

सरना धर्म कोड की मांग: आदिवासी समाज की पहचान और गणना को लेकर सरना धर्म कोड के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

सांस्कृतिक संवर्धन: नई पीढ़ी को पारंपरिक रीति-रिवाजों, मांझी-परगना स्वशासन व्यवस्था और जनजातीय भाषा-संस्कृति से जोड़ने पर विचार होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का वक्तव्य

प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, जल-जंगल-जमीन और जन-आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान और अस्तित्व को अक्षुण्ण रखने के लिए ऐसे समागम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग

मुख्यमंत्री को आमंत्रण सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त एवं मरांग बुरु बचाओ मोर्चा के अध्यक्ष फागू बेसरा, हीरालाल मांझी, सोमई टुडू, महावीर मुर्मू, विष्णु किस्कू, सुरेश हेंब्रम, सुधीर बास्के, बबली सोरेन, शनिचर बेसरा, लादु मांझी और डॉ. डुमनी मयी मुर्मू सहित संथाल समाज के कई गणमान्य प्रतिनिधि मौजूद थे।