राजधानी पटना स्थित अत्याधुनिक ‘बिहार म्यूजियम’ (Bihar Museum) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया है। जर्मनी आधारित प्रतिष्ठित ट्रेवल पब्लिकेशन ‘वर्थ अ जर्नी’ (Worth a Journey) की ओर से जारी ‘विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालय’ की रैंकिंग में बिहार म्यूजियम को दुनिया में 9वां स्थान मिला है। इसके साथ ही यह पूरे एशिया में पहले पायदान पर रहा है और इस वैश्विक सूची में शामिल होने वाला भारत का एकमात्र संग्रहालय है। इसने न्यूयॉर्क के ‘द मेट’ (10वां स्थान) और पेरिस के ‘लूवर’ (31वां स्थान) जैसे ख्यातिप्राप्त अंतरराष्ट्रीय संग्रहालयों को भी पीछे छोड़ दिया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर बिहार म्यूजियम की मुक्तकंठ से सराहना की। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका आभार जताते हुए उन्हें बिहार आने और संग्रहालय देखने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
संग्रहालय अनुभव में क्रांतिकारी बदलाव: बिहार म्यूजियम भारत में संग्रहालय देखने के पूरे अनुभव को बदलने की क्षमता रखता है।
परिकल्पना और इच्छाशक्ति का संगम: उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे की कहानी इसे और भी खास बनाती है। इसकी परिकल्पना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी और इसे बिहार सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारियों के निरंतर प्रयासों से साकार किया गया। यह दूरदर्शी सोच, प्रशासनिक दृढ़ संकल्प और विश्वस्तरीय रचनात्मक सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है।
भारतीय नागरिकों का अधिकार: उन्होंने आगे लिखा कि भारत की जनता लंबे समय से ऐसे संग्रहालय अनुभवों की हकदार रही है, जो विदेशों में मिलने वाले अनुभवों के बराबर हों। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि भारत में संग्रहालयों के एक नए पुनर्जागरण की शुरुआत बनेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का न्योता: निवेश और तकनीक पर संवाद का आह्वान
आनंद महिंद्रा की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा:
“आनंद महिंद्रा जी, बिहार की जनता की ओर से आपका हार्दिक आभार। बिहार की गौरवशाली विरासत हमारी पहचान, और उज्ज्वल भविष्य हमारा संकल्प है। आपको बिहार संग्रहालय भ्रमण और आईटी पर संवाद के लिए सादर आमंत्रित करता हूं। आइए, उद्योग, कृषि, तकनीक एवं पर्यटन में साझेदारी से निवेश, रोजगार और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करें।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर का उपयोग करते हुए महिंद्रा समूह को बिहार में उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि और पर्यटन क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
बिहार म्यूजियम की विशेषताएं
निर्माण व विस्तार: वर्ष 2013 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था और 2017 में इसकी सभी आधुनिक दीर्घाएं (Galleries) आम जनता के लिए खोली गई थीं।
8 प्रमुख गैलरियां: इसमें सिंधु घाटी सभ्यता, मौर्य वंश, बौद्ध धर्म और जैन धर्म से जुड़ी दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित हैं।
प्राचीन साम्राज्यों की झलक: यहां शुंग, कुषाण, गुप्त वंश और पाल काल के ऐतिहासिक अवशेष संजोए गए हैं।
दीदारगंज यक्षी: मौर्यकालीन सुप्रसिद्ध ‘दीदारगंज यक्षी’ की आदमकद प्रतिमा इस संग्रहालय का मुख्य आकर्षण है।
