झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधारों, आगामी विधानसभा सत्र के संचालन और जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई।
बैठक के उपरांत कैबिनेट समन्वय विभाग द्वारा लिए गए नीतिगत फैसलों की आधिकारिक जानकारी साझा की गई।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय
विधानसभा सत्र के आयोजन पर फैसला:
मंत्रिपरिषद ने आगामी झारखंड विधानसभा सत्र के आहूत किए जाने की संभावित तिथियों और रूपरेखा पर अपनी स्वीकृति प्रदान की, जिसके तहत वित्तीय व विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
धान खरीद बोनस व कृषि राहत:
किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए धान अधिप्राप्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रति क्विंटल बोनस की संशोधित दर और वित्तीय बजट आवंटन को कैबिनेट से औपचारिक अनुमोदन मिला।
स्वास्थ्य एवं कार्मिक विभाग में सुधार:
लंबे समय से अनधिकृत रूप से ड्यूटी से नदारद चल रहे डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रियाओं को गति देने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर सहमति बनी।
बुनियादी ढांचा व सड़क विकास:
विभिन्न जिलों में ग्रामीण व शहरी पथ निर्माण, पुल-पुलियों के सुदृढ़ीकरण और पेयजल से जुड़ी योजनाओं के लिए आवश्यक प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गईं।
जनहित और वित्तीय प्रबंधन पर फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक के दौरान सभी विभागों को निर्देश दिए कि कैबिनेट द्वारा स्वीकृत योजनाओं और नीतियों का लाभ बिना किसी देरी के धरातल पर आम जनता तक पहुंचे। वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में विकास योजनाओं की गति तेज करने और जनता से जुड़े जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर बल दिया गया।
