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CM योगी ने नई पीढ़ी को दिया संदेश, कहा “ग्लोबल और तकनीक से लैस बनें लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहें….

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ GEN Z
CM योगी ने नई पीढ़ी को दिया संदेश, कहा "ग्लोबल और तकनीक से लैस बनें लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहें....
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के वेंकटचलम में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नई पीढ़ी के भविष्य और देश की सांस्कृतिक विरासत को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए।

आधुनिक तकनीक के साथ संस्कार भी जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो वैश्विक सोच रखने वाली और आधुनिक तकनीक से परिचित हो। इसके साथ ही उसके भीतर अपनी संस्कृति के प्रति गर्व, समाज के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्र प्रथम की भावना होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीक सभी के लिए समान अवसर पैदा करती है और नए भारत ने गांवों की ताकत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम किया है।

गांवों को बताया भारत की सभ्यता की ताकत

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भारतीय गांवों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सदियों तक गांव देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे हैं।

कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार और स्थानीय संस्थाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं। गांव केवल उत्पादन के केंद्र नहीं थे, बल्कि ज्ञान, जल संरक्षण, कला और सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

गांधी के ग्राम स्वराज का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचार को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ऐसे गांवों की कल्पना करते थे, जो आत्मनिर्भर हों और अपनी आवश्यकताओं से जुड़े फैसले खुद लेने में सक्षम हों।

योगी ने कहा कि समय के साथ ग्रामीण व्यवस्था को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन गांवों की मूल शक्ति और आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई।

वेंकैया नायडू के योगदान की सराहना

योगी आदित्यनाथ ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के संस्थापक और पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने उन्हें उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वेंकैया नायडू ने वर्ष 2001 में अपने सहयोगियों के साथ इस संस्था की शुरुआत की थी। तब से ट्रस्ट स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है।

वंचित बच्चों की शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के ब्रिज स्कूलों की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थान वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इसकी तुलना उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों से की।

योगी ने कहा कि दोनों पहलों का उद्देश्य ऐसे बच्चों को बेहतर अवसर देना है, जिन्हें शिक्षा और विकास की मुख्यधारा तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

महिलाओं के प्रशिक्षण को भी बताया अहम

योगी ने ग्रामीण महिलाओं के लिए ट्रस्ट की प्रशिक्षण व्यवस्था की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण भी जरूरी है।

उनके अनुसार, जब तक व्यवस्था सुरक्षित नहीं होगी, परिवार अपनी बेटियों को बाहर भेजने में सहज महसूस नहीं करेंगे। इसी सोच के साथ महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और आवास जैसी सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया गया।

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