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साक्षरता दिवस पर CM योगी की ‘पाती’, बोले- बच्चे सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं, संस्कार और आत्मविश्वास भी सीखें

योगी आदित्यनाथ पाती
साक्षरता दिवस पर CM योगी की ‘पाती’, बोले- बच्चे सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं, संस्कार और आत्मविश्वास भी सीखें
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अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और विद्यार्थियों के नाम अपनी विशेष ‘पाती’ लिखकर शिक्षा के महत्व पर संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण, आत्मविश्वास का विकास और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी जरूरी है।

हर वर्ष 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस दुनिया भर में शिक्षा और साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर देता है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से शिक्षा को व्यापक दृष्टिकोण से देखने की अपील की है।

‘विद्यालय केवल पढ़ना-लिखना सीखने की जगह नहीं’

मुख्यमंत्री योगी ने अपनी पाती में इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चे विद्यालय केवल पढ़ना-लिखना सीखने नहीं जाते। विद्यालय उनके जीवन को दिशा देने और उनके व्यक्तित्व को निखारने का महत्वपूर्ण केंद्र है। शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित होना भी आवश्यक है।

उनके संदेश में शिक्षा को व्यक्ति और समाज दोनों के विकास से जोड़कर देखने की बात सामने आती है। जब कोई बच्चा ज्ञान प्राप्त करता है, तो उसके सामने आगे बढ़ने के नए अवसर खुलते हैं। वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकता है और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की अहम भूमिका

शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाले नहीं होते, बल्कि वे बच्चों को सही दिशा दिखाने और उनके भीतर अच्छे संस्कार विकसित करने में भी योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री का संदेश इसी व्यापक शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

आज के डिजिटल दौर में शिक्षा का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। बच्चों के लिए किताबों के साथ तकनीक, रचनात्मक गतिविधियों और व्यावहारिक ज्ञान का महत्व बढ़ गया है। ऐसे समय में शिक्षा का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना होना चाहिए, जहां विद्यार्थी सवाल पूछ सकें, नई चीजें सीख सकें और अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ सामने रख सकें।

साक्षरता से मजबूत होगा समाज

साक्षरता केवल व्यक्ति के जीवन को बेहतर नहीं बनाती, बल्कि पूरे समाज की प्रगति में योगदान देती है। शिक्षित और जागरूक नागरिक अपने परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि साक्षरता को सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत नींव माना जाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘पाती’ का संदेश इसी व्यापक सोच को सामने रखता है कि शिक्षा को केवल परीक्षा और अंक तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना देना भी उतना ही जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर दिया गया यह संदेश शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत करता है।

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