उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में पूर्वांचल को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। सरकार ने इस क्षेत्र में सड़क, एक्सप्रेसवे, ग्रामीण विकास, औद्योगिक परियोजनाओं और सामाजिक योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन का प्रावधान किया है।
राजनीतिक जानकार इसे आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि 2022 के चुनाव में पूर्वांचल के कई क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी। सरकार का कहना है कि बजट का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को नई गति देना और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
CM योगी आदित्यनाथ का एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
अनुपूरक बजट में विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण और भूमि अधिग्रहण के लिए 6,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सोनभद्र, चंदौली और गाजीपुर को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 2,300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
सरकार ने जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने, औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धन आवंटित किया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से पूर्वांचल में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ग्रामीण विकास और सामाजिक योजनाओं पर भी जोर
सरकार ने ग्रामीण विकास को भी बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। अनुपूरक बजट का बड़ा हिस्सा ग्राम्य विकास योजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है। वीबी-जीराम-जी योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना, छात्रवृत्ति, डिजिटल लाइब्रेरी और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए भी अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण और वंचित वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
विकास और राजनीति दोनों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वांचल पर विशेष फोकस केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी है। सरकार का दावा है कि अतिरिक्त बजट प्रदेश के संतुलित विकास और अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लाया गया है।
वहीं विपक्ष इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति और उनका जमीनी असर महत्वपूर्ण रहेगा। यदि योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो पूर्वांचल में सड़क, उद्योग, रोजगार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
