उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 2,023.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इसमें आयुष विभाग के लिए 23.25 करोड़ रुपये और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 2,000.25 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, आधुनिक और प्रभावी बनाना है। इस बजट के जरिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, आपातकालीन सेवाओं की मजबूती और आयुष चिकित्सा के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
पांच मंडलों में खुलेंगे नए आयुष मेडिकल कॉलेज
सरकार ने उन पांच मंडलों आगरा, बस्ती, गोंडा, मेरठ और मिर्जापुर में नए राजकीय एकीकृत आयुष चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय स्थापित करने का निर्णय लिया है, जहां अभी तक कोई आयुष मेडिकल कॉलेज नहीं है। इसके अलावा आईआईटी कानपुर के सहयोग से आयुर्वेद अनुसंधान एवं क्लीनिकल प्रमाणीकरण केंद्र स्थापित करने की भी योजना बनाई गई है।
सरकार का मानना है कि इससे आयुष चिकित्सा में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।
एम्बुलेंस, एनएचएम और अस्पतालों को मिलेगा लाभ
अनुपूरक बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए 200 करोड़ रुपये और 102 एम्बुलेंस सेवा के लिए भी 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
शहरी अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का होगा विस्तार
सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया है। राज्य कैंसर मिशन की स्थापना, एसजीपीजीआई में क्वार्टनरी हेल्थ केयर सेंटर, ऑपरेशन थिएटरों के आधुनिकीकरण, स्मार्ट आईसीयू नेटवर्क और एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क जैसी परियोजनाओं को भी इस बजट में प्राथमिकता दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
