केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन के बीच मायावती ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देने का फैसला उचित है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह निर्णय पहले ले लिया जाता तो बेहतर होता। मायावती ने इस घटनाक्रम को छात्रों और युवाओं के आंदोलन से जोड़ते हुए केंद्र सरकार से उनकी मांगों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की अपील की।
मायावती ने जंतर-मंतर की घटना पर जताई नाराजगी
मायावती ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
बसपा प्रमुख ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जाए और जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका गलत पाई जाती है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के साथ उचित व्यवहार होना चाहिए और उनकी समस्याओं को बातचीत के माध्यम से सुना जाना चाहिए।
महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी पर कार्रवाई की मांग
बसपा प्रमुख ने विशेष रूप से महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बदसलूकी के आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही मायावती ने आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा शिकायतों को वापस लेने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि इन मामलों के कारण युवाओं को भविष्य में पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके करियर पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।
छात्रों को राजनीति से दूर रहने की सलाह
मायावती ने आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं को भी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को अपने संघर्ष का किसी भी राजनीतिक दल द्वारा राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहिए। उनका फोकस शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर रहना चाहिए।
नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष के कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
मायावती ने जहां इस्तीफे को उचित बताया, वहीं सरकार से पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग कर इस मुद्दे को नई राजनीतिक दिशा दी है।
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