Posted inउत्तर प्रदेश, न्यूज, राजनीति

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अखिलेश यादव का बड़ा दावा, कहा “ये तो बस शुरुआत है अब EVM की…..

अखिलेश यादव और धर्मेन्द्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अखिलेश यादव का बड़ा दावा, कहा "ये तो बस शुरुआत है अब EVM की.....
News on WhatsAppJoin Now

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों और युवाओं के आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने इसे आंदोलनकारियों के मनोबल और एकता की जीत बताया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आंदोलन में शामिल युवाओं और उनका सहयोग करने वाले लोगों को बधाई दी।

उन्होंने दावा किया कि परीक्षा और शिक्षा से शुरू हुआ युवाओं का यह आंदोलन अब आगे बढ़कर EVM और चुनाव सुधार जैसे मुद्दों तक पहुंचेगा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों की ओर से भी लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अखिलेश यादव ने EVM और चुनाव सुधार का उठाया मुद्दा

अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं ने परीक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर एकजुट होकर जो शुरुआत की है, उसे अब संविधान और चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने EVM और चुनाव सुधार का जिक्र करते हुए भाजपा की चुनावी राजनीति पर भी कई आरोप लगाए।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि आने वाले समय में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी आंदोलन और राजनीतिक लड़ाई तेज होगी। हालांकि ये आरोप और दावे अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। उनके बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षा से लेकर चुनाव सुधार तक कई मुद्दों पर नई बहस शुरू हो गई है।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी साधा निशाना

सपा अध्यक्ष ने अपने बयान में भाजपा पर चुनावी अनियमितताओं, राजनीतिक जोड़तोड़ और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जनता और युवाओं की एकजुटता से ऐसी राजनीति का अंत होगा। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर जैसे मुद्दों को भी उठाया।

अखिलेश ने किसानों, मजदूरों, दुकानदारों, कारोबारियों, महिलाओं और युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनके अधिकारों के लिए राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा। उनके इन आरोपों को भाजपा के खिलाफ विपक्ष के व्यापक राजनीतिक हमले के तौर पर भी देखा जा रहा है।

अयोध्या का जिक्र कर भी किया हमला

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले का भी उल्लेख किया और भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में सांप्रदायिक राजनीति कमजोर होगी और संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा के लिए नया दौर शुरू होगा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सपा प्रमुख की यह प्रतिक्रिया केवल शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इसे EVM, चुनाव सुधार, कानून व्यवस्था और संविधान से जुड़े व्यापक राजनीतिक मुद्दों से जोड़ दिया। अब इस बयान के बाद सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी नजर रहेगी।

ALSO READ: यूपी में उच्च शिक्षा के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात, मिलेगा 1.5 करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर