उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत राज्य की विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित और आसान परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना तथा उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। लगभग 50 हजार छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
कौन होंगी योजना की पात्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सरकार के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक अंतिम वर्ष उत्तीर्ण करने वाली प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय की शीर्ष प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
वहीं दिव्यांग छात्राओं, निराश्रित छात्राओं और शहीदों की बेटियों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं, जिनमें मेरिट संबंधी शर्तों में छूट दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्राएं लाभान्वित हो सकेंगी।
स्कूटी के साथ मिलेंगी अतिरिक्त सुविधाएं
योजना के तहत केवल स्कूटी ही नहीं, बल्कि उसका पंजीकरण, व्यापक बीमा, आईएसआई प्रमाणित हेलमेट और शुरुआती उपयोग के लिए पांच लीटर पेट्रोल भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं की कॉलेज तक पहुंच आसान होगी और उन्हें रोजाना आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा: Yogi Adityanath
राज्य सरकार का मानना है कि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी भी बढ़ाएगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को इसका अधिक लाभ मिलेगा, जहां परिवहन की सुविधा सीमित रहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सरकार का उद्देश्य छात्राओं के बीच ड्रॉपआउट दर कम करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान करना है। योजना के संचालन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जल्द जारी किए जाएंगे।
सरकार ने छात्राओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करें।
