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डिजिटल तकनीक से पोषण योजनाओं में बढ़ी पारदर्शिता: योगी सरकार

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उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग से पोषण कार्यक्रमों में पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है और योजनाओं की निगरानी भी आसान बनी है।

लाभार्थियों की सटीक पहचान

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाभार्थियों का डेटा एकत्रित और सत्यापित किया जा रहा है। इससे पात्र महिलाओं, गर्भवती माताओं, धात्री महिलाओं और बच्चों की सही पहचान संभव हो रही है। पहले जहां रिकॉर्ड रखने और लाभ वितरण में कई प्रकार की कठिनाइयां आती थीं, वहीं अब ऑनलाइन व्यवस्था के कारण जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाती है। इससे फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगा है।

आंगनबाड़ी सेवाओं में सुधार

राज्य की आंगनबाड़ी सेवाओं को भी तकनीक से जोड़ा गया है। विभिन्न मोबाइल एप और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण संबंधी जानकारी दर्ज की जा रही है। इससे अधिकारियों को वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी मिलती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इस व्यवस्था ने सेवा वितरण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है।

महिलाओं और बच्चों को मिल रहा लाभ

सरकार का दावा है कि डिजिटल तकनीक के कारण पोषण योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों तक पहुंच रहा है। पोषण ट्रैकिंग की व्यवस्था से कुपोषण के मामलों की पहचान आसान हुई है। साथ ही, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सेवाओं को बेहतर ढंग से समन्वित किया जा रहा है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की ओर कदम

योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक केवल प्रशासनिक सुविधा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सुशासन का महत्वपूर्ण आधार भी है। तकनीक आधारित निगरानी से योजनाओं की जवाबदेही बढ़ी है और अधिकारियों के लिए कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनी है। राज्य सरकार भविष्य में भी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

डिजिटल नवाचार और प्रभावी निगरानी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार पोषण योजनाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास कर रही है। इससे समाज के कमजोर वर्गों तक सरकारी सहायता पहुंचाने का लक्ष्य और अधिक प्रभावी रूप से पूरा होने की उम्मीद है।