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यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर योगी सरकार का फोकस

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के ढांचे को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता, दवाइयों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाया जाए ताकि आम जनता को सीधे लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य व्यवस्था केवल इमारतें बनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य प्रशिक्षित डॉक्टर, विशेषज्ञ और कुशल स्वास्थ्यकर्मी तैयार करना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग संस्थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की जरूरत है।

एक्सपायरी दवाओं को हटाने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन दवाओं की एक्सपायरी में तीन महीने से कम समय बचा है, उन्हें तुरंत सरकारी अस्पतालों से हटाया जाए। उनका मानना है कि मरीजों की सुरक्षा और भरोसा बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।

सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिले। इसके लिए दवा वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

आयुष सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब आयुष पद्धति से होने वाले इलाज को भी दीनदयाल राज्य कर्मचारी कैशलेस योजना में शामिल किया जाएगा। इससे आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण और छोटे शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और मजबूत होगी। इससे मेडिकल टूरिज्म और निवेश के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

कोविड कर्मियों के लिए प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कोविड काल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाए। कोविड महामारी के दौरान इन कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में काम करके लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर

सरकार आने वाले समय में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, आधुनिक जांच सुविधाओं और डिजिटल हेल्थ सिस्टम को बढ़ाने पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए तकनीक, बेहतर प्रबंधन और प्रशिक्षित मानव संसाधन पर लगातार निवेश किया जाएगा।