अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पर्यावरण संरक्षण और गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर गंगा संरक्षण और जैव विविधता बचाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध बेहद गहरा है, इसलिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।
जैव विविधता बचाने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैव विविधता केवल पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, कृषि, जल और जलवायु संतुलन से भी जुड़ी हुई है। राज्य सरकार जंगलों की सुरक्षा, जल स्रोतों के संरक्षण और वन्यजीवों के बचाव के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नदियों को स्वच्छ बनाए बिना पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से गंगा और उससे जुड़ी सहायक नदियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार जल प्रदूषण रोकने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है।
गंगा संरक्षण को लेकर विशेष अभियान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। गंगा संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लोग नदियों को प्रदूषित करने से बचें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें और जल संरक्षण में योगदान दें।
राज्य सरकार गांवों और शहरों में जल संरक्षण परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन और नदी पुनर्जीवन जैसे कार्यक्रमों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर समाज और सरकार मिलकर काम करें तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
भविष्य के लिए जरूरी है पर्यावरण संरक्षण
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु और बढ़ते प्रदूषण के दौर में जैव विविधता की रक्षा बेहद जरूरी हो गई है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि मध्य प्रदेश पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बनेगा।
