उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर के बहुप्रतीक्षित गोधधोइया नाला प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना 15 जून तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे शहर के करीब पांच लाख लोगों को जलभराव और गंदगी की समस्या से राहत मिलेगी। लंबे समय से यह इलाका बरसात के मौसम में पानी भरने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। अब इस परियोजना के पूरा होने के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। गोरखपुर को स्वच्छ और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बरसात में सबसे बड़ी परेशानी बनता था जलभराव
गोरखपुर के कई इलाकों में हर साल भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा हो जाती थी। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित होता था और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता था। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गोधधोइया नाला प्रोजेक्ट इसी समस्या के स्थायी समाधान के तौर पर तैयार किया जा रहा है।
परियोजना के तहत नाले की सफाई, चौड़ीकरण और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम को भी बेहतर बनाया जा रहा है ताकि बारिश का पानी तेजी से बाहर निकल सके। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर में जलभराव की घटनाओं में काफी कमी आएगी।
विकास कार्यों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, सीवर, ड्रेनेज और स्वच्छता जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर को पूर्वांचल का मॉडल शहर बनाने के लिए कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं।
स्थानीय लोगों ने भी इस परियोजना को लेकर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि यदि काम तय समय पर पूरा हो जाता है तो बरसात के दिनों में राहत मिलेगी और दैनिक जीवन आसान हो जाएगा। अब लोगों की नजर 15 जून की तय समय सीमा पर टिकी हुई है, जब यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार होकर जनता को समर्पित किया जाएगा।
