मध्य प्रदेश में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कड़ा रुख अपनाते हुए फैक्ट्री मालिक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की घोषणा की है। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे ने उजाड़ दिए कई परिवार
पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाका इतना भयानक था कि आसपास की इमारतें तक हिल गईं। हादसे में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान चलाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। प्रशासन ने तुरंत क्षेत्र को सील कर जांच शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हादसे की हर एंगल से जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि फैक्ट्री को किस आधार पर संचालन की अनुमति मिली थी।
सीएम ने कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने फैक्ट्री मालिक पर NSA लगाने की बात कहते हुए स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए सरकार की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है।
अवैध फैक्ट्रियों पर चलेगा अभियान
हादसे के बाद राज्य सरकार अब अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और बिना लाइसेंस चल रहे गोदामों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया जाए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर बड़े हादसों की वजह बनती है। ऐसे में सरकार का सख्त कदम भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम साबित हो सकता है।
पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और इलाज से लेकर आर्थिक मदद तक हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वहीं विपक्ष ने भी घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगा है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
