उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर स्थित Gorakhnath Temple में राम नवमी के पावन अवसर पर कन्या पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
कन्या पूजन की परंपरा का पालन
चैत्र नवरात्रि के नवमी दिन मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुसार नौ कन्याओं का पूजन किया, जिन्हें माता दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने विधि-विधान से कन्याओं के पैर धोए, उन्हें चुनरी ओढ़ाई, आरती की और भोजन कराया। साथ ही उन्हें उपहार और दक्षिणा भी दी।
यह धार्मिक परंपरा भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसे शक्ति की आराधना का प्रतीक माना जाता है।
राम नवमी का विशेष महत्व
राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो भारतीय संस्कृति और धर्म में विशेष स्थान रखता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम का जीवन आदर्श और मर्यादा का प्रतीक है, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
राम दरबार में पूजा और अनुष्ठान
कन्या पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर के राम दरबार में जाकर भगवान राम की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान भगवान राम की प्रतिमा को फूलों से सजे झूले में विराजमान किया गया और जन्मोत्सव के प्रतीक के रूप में झूला झुलाया गया।
यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और लोगों ने बड़ी श्रद्धा के साथ दर्शन किए।
जनता को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को राम नवमी और नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है।
उन्होंने कामना की कि माता दुर्गा और भगवान राम की कृपा सभी पर बनी रहे और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
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